फतेहपुर सीकरी। विश्वविख्यात पर्यटन स्थल फतेहपुर सीकरी में एक बार फिर लपका गिरोह और अवैध गाइड सक्रिय हो गए हैं। बिना लाइसेंस और पहचान पत्र के ये लोग देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को गुमराह कर ठगी का शिकार बना रहे हैं। पुलिस और प्रशासन की कथित अनदेखी के चलते इनके हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, अछनेरा क्षेत्र के तत्कालीन एसीपी द्वारा चलाए गए सघन लपका पकड़ अभियान के दौरान ऐसे अवैध तत्वों पर प्रभावी अंकुश लगा था। लेकिन हाल के महीनों में निगरानी शिथिल पड़ते ही ये गिरोह फिर से सक्रिय हो गए हैं और खुलेआम पर्यटकों से मनमानी वसूली कर रहे हैं। स्थिति यह है कि ये लोग अब अधिकारियों और कानून-व्यवस्था से भी बेखौफ दिखाई दे रहे हैं।
फतेहपुर सीकरी जैसे ऐतिहासिक और विश्व धरोहर स्थल पर इस तरह की गतिविधियां न केवल प्रशासनिक विफलता को उजागर करती हैं, बल्कि देश की पर्यटन छवि को भी गहरा नुकसान पहुंचा रही हैं। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की निष्क्रियता भी इस समस्या को और गंभीर बना रही है।
कोरई टोल प्लाजा से लेकर मोड़ बाईपास, आगरा गेट, गुलिस्ता कार पार्किंग और शाहकुली तिराहा होते हुए स्मारक परिसर तक कहीं भी प्रभावी जांच या नियंत्रण व्यवस्था दिखाई नहीं देती। यही कारण है कि अवैध गाइड और लपका गिरोह बेधड़क सक्रिय हैं।
हाल ही में मुंबई से आए एक महिला पर्यटक और उनके परिवार के साथ भी ठगी की घटना सामने आई, जिससे पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ऐसी घटनाएं फतेहपुर सीकरी की ऐतिहासिक गरिमा और पर्यटन की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा रही हैं।
पर्यटकों की सुरक्षा और स्मारक की प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए आवश्यक है कि वरिष्ठ अधिकारी तत्काल संज्ञान लें और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। साथ ही पर्यटन पुलिस द्वारा नियमित गश्त सुनिश्चित की जाए तथा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) केवल वैध और पंजीकृत गाइडों को ही परिसर में प्रवेश की अनुमति दे।
स्थानीय लोगों और पर्यटकों को उम्मीद है कि संबंधित उच्चाधिकारी इस गंभीर समस्या पर शीघ्र प्रभावी कदम उठाएंगे, ताकि फतेहपुर सीकरी की अंतरराष्ट्रीय छवि सुरक्षित रह सके।

