कासगंज। जनपद के थाना ढोलना क्षेत्र के गांव घिनौना नगला ढाय में ऑनर किलिंग का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि नाबालिग लड़की की हत्या कर उसके शव को देर रात श्मशान घाट में जला दिया गया। घटना के बाद से गांव में दहशत और सन्नाटा पसरा हुआ है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और श्मशान घाट से जली हुई चिता से लड़की के अवशेष बरामद किए। पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव निवासी सचिन पुत्र लालबहादुर (उम्र लगभग 18 वर्ष) शुक्रवार को पड़ोस की ही नेहा पुत्री शीशपाल (उम्र लगभग 16 वर्ष) को कथित तौर पर भगा ले गया था। बताया जा रहा है कि शनिवार को दोनों को लड़की के परिजनों ने आगरा से पकड़ लिया। आरोप है कि इसके बाद लड़की को घर लाकर परिजनों ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की, जिससे उसकी मौत हो गई।
मामले को छिपाने के उद्देश्य से परिजनों पर आरोप है कि देर रात करीब चार बजे गांव के श्मशान घाट में नेहा के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। घटना की जानकारी गांव निवासी परशुराम को हुई, जिन्होंने शनिवार सुबह करीब नौ बजे डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी कि शीशपाल ने अपनी नाबालिग बेटी की हत्या कर शव जला दिया है।

सूचना मिलते ही ढोलना थाना पुलिस एवं इनायती चौकी प्रभारी करन सिंह पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे। पुलिस ने ग्रामीणों से पूछताछ की, लेकिन कोई भी खुलकर कुछ बताने को तैयार नहीं हुआ। पुलिस ने लगभग दो घंटे तक गांव में लड़की की तलाश की। इस दौरान गांव के प्रधान प्रतिनिधि विकास पर पुलिस को गुमराह करने का आरोप भी लगा है। बताया जा रहा है कि वह फोन पर पुलिस को यह कहता रहा कि लड़की और लड़का रिश्तेदारी में हैं और वह उन्हें लेकर आ रहा है।
पुलिस की तलाश अंततः श्मशान घाट तक पहुंची, जहां जलती हुई चिता से लड़की के अवशेष बरामद किए गए। इस दौरान यह भी सामने आया कि युवक सचिन रात से ही लड़की के परिजनों के कब्जे में था। सचिन के परिजनों को आशंका थी कि उनके बेटे की भी हत्या न कर दी जाए।
फिलहाल ढोलना पुलिस ने युवक सचिन को हिरासत में ले लिया है। वहीं, लड़की और लड़के के परिजन गांव से फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

