Times of Taj ब्यूरो | बेंगलुरु
कर्नाटक पुलिस के शीर्ष अधिकारी और 1993 बैच के आईपीएस अफसर डॉ. के. रामचंद्र राव पर आखिरकार गाज गिर गई है। कथित रूप से एक आपत्तिजनक वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राज्यपाल थावरचंद गहलोत के आदेश पर राज्य सरकार ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
राज्य सरकार की ओर से जारी आधिकारिक आदेश में कहा गया है कि वायरल वीडियो के सामने आने के बाद प्रशासनिक मर्यादा और सेवा नियमों के मद्देनज़र यह कार्रवाई आवश्यक हो गई थी। निलंबन के फैसले के बाद राज्य की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
नागरिक अधिकार प्रवर्तन शाखा के महानिदेशक थे राव
निलंबित किए गए आईपीएस अधिकारी डॉ. रामचंद्र राव कर्नाटक पुलिस की नागरिक अधिकार प्रवर्तन शाखा (Civil Rights Enforcement Directorate) के महानिदेशक के पद पर तैनात थे। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बिना देरी किए कार्रवाई की।
मामला तूल पकड़ता जा रहा
राज्य के शीर्ष पुलिस अधिकारी से जुड़ा यह मामला सामने आने के बाद विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है और निष्पक्ष व पारदर्शी जांच की मांग उठ रही है। वहीं सरकार का कहना है कि पूरे प्रकरण की जांच कानून और नियमों के दायरे में की जाएगी और दोष सिद्ध होने पर सख्त कार्रवाई होगी।
सूत्रों के अनुसार, निलंबन के साथ ही मामले की आंतरिक जांच शुरू की जा सकती है, जबकि वीडियो की प्रामाणिकता और इससे जुड़े तथ्यों की भी गहन पड़ताल की जाएगी।

