लखनऊ। प्रदेश के बेसिक शिक्षा परिषद एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधीन कार्यरत शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, विशेष शिक्षकों (CWSN), वॉर्डन, पूर्णकालिक/अंशकालिक शिक्षकों, प्रधानमंत्री पोषण योजना के रसोइयों तथा उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को अब कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षक दिवस के अवसर पर की गई घोषणा के क्रम में इस योजना को लागू किए जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
इस योजना के अंतर्गत बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों एवं परिषद से मान्यता प्राप्त अनुदानित व स्ववित्तपोषित विद्यालयों में कार्यरत समस्त पात्र कार्मिकों को सरकारी चिकित्सालयों के साथ-साथ सूचीबद्ध निजी चिकित्सालयों में भी आई.पी.डी. (अंतरंग विभाग) उपचार की कैशलेस सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।इसी प्रकार माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधीन अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों, स्ववित्तपोषित माध्यमिक विद्यालयों, संस्कृत शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त विद्यालयों तथा राजकीय व सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में मानदेय पर कार्यरत व्यवसायिक शिक्षा के विषय विशेषज्ञों को भी इस योजना का लाभ दिया जाएगा।
योजना के तहत प्रति कार्मिक लगभग 3000 रुपये वार्षिक प्रीमियम व्यय अनुमानित किया गया है। इससे कुल लगभग 11,95,391 कार्मिक लाभान्वित होंगे, जिस पर करीब 358.61 करोड़ रुपये का वार्षिक वित्तीय भार अनुमानित है। इस कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना का क्रियान्वयन State Agency for Comprehensive Health and Integrated Services (SACHIS) के माध्यम से किया जाएगा।योजना में वही दरें लागू होंगी, जो प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) द्वारा समय-समय पर निर्धारित की जाती हैं। प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद के समक्ष प्रस्तुत किया गया है और स्वीकृति के बाद इसे

