आगरा। राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद (शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार) एवं केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा के संयुक्त तत्वावधान में भारतीय सिंधु सभा तथा सिंधी सेंट्रल पंचायत, आगरा के सहयोग से एक भव्य सेमिनार एवं ‘सिंधी भगत’ सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम खंदारी स्थित ‘अटल बिहारी वाजपेयी अंतरराष्ट्रीय सभागार’ में परिषद व संस्थान के निदेशक प्रो. सुनील बाबुराव कुलकर्णी की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।
भारतीय सिंधु सभा के मीडिया प्रभारी कमल जुम्मानी के अनुसार, मुख्य अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त जिला सत्र न्यायाधीश श्री किशन रजवानी उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में भारतीय सिंधु सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष घनश्याम दास देवनानी एवं प्रदेश महामंत्री चंद्रप्रकाश सोनी शामिल रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन प्रधानमंत्री कार्यालय के पूर्व निदेशक एवं भारतीय सूचना सेवा के अधिकारी श्री किशन रतनानी ने किया।

तीन महत्वपूर्ण वैचारिक सत्र
सेमिनार के दौरान सिंधी भाषा के संरक्षण, संवर्धन और शिक्षा से जुड़े तीन महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किए गए—
प्रथम सत्र: भारत में सिंधी शिक्षा की वर्तमान स्थिति और भविष्य की संभावनाओं पर केंद्रित रहा। इसमें डॉ. तुलसी देवी, सुश्री जानकी जेठवानी एवं डॉ. चंद्र दादलानी ने विचार व्यक्त किए।
द्वितीय सत्र: भारतीय रेलवे यातायात सेवा के श्री राजाराम, सिंधी अकादमी के निदेशक अभिषेक कुमार अखिल, प्रो. हरीश सेठी तथा परिषद के पूर्व सदस्य मनीष देवनानी ने सरकारी योजनाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला।
तृतीय (खुला) सत्र: डॉ. रीना सिरवानी (सहायक निदेशक, राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद) एवं संतोष खत्री के सानिध्य में आयोजित खुले सत्र में प्रतिभागियों ने अपने विचार साझा किए। अंत में सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया।

सांस्कृतिक संध्या में ‘सिंधी भगत’ की मनमोहक प्रस्तुति
बौद्धिक सत्रों के उपरांत सांस्कृतिक संध्या का आयोजन हुआ, जिसमें सिंधी लोककला ‘सिंधी भगत’ की आकर्षक प्रस्तुतियां दी गईं। उल्हासनगर से भगत अनिल कुमार एवं भगत थावर दास, लखनऊ से भगत पवन कुमार तथा गोरखपुर से भगत पीयूष चावला ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

गणमान्य जनों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में भारतीय सिंधु सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष घनश्याम दास देवनानी, प्रदेश महामंत्री चंद्रप्रकाश सोनी, महानगर अध्यक्ष जगदीश डोडानी, महामंत्री प्रदीप बनवारी, कोषाध्यक्ष जीतू देवनानी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेश आयलानी सहित समाज के अनेक पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
यह आयोजन बौद्धिक विमर्श और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का अद्भुत संगम रहा, जिसने सिंधी भाषा और संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को सुदृढ़ किया।

