मुंबई। मुंबई की राजनीति में शनिवार को एक अहम और दिलचस्प घटनाक्रम देखने को मिला। करीब दो दशक बाद राजनीतिक मतभेद भुलाकर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे एक मंच पर साथ नजर आए। दोनों नेताओं ने आगामी मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनावों के लिए अपना संयुक्त घोषणा-पत्र ‘वचननामा’ जनता के सामने पेश किया।
इस वचननामा को दोनों ठाकरे बंधुओं ने “जनता के चरणों में समर्पित” बताते हुए मराठी मानुष और मुंबई के हितों की रक्षा के लिए बनी ‘शिव-शक्ति’ का प्रतीक करार दिया। यह घोषणा-पत्र 15 जनवरी को प्रस्तावित बीएमसी चुनावों को ध्यान में रखकर जारी किया गया है, जिन्हें मुंबई की सत्ता का सेमीफाइनल भी माना जाता है।
आवास, स्वास्थ्य और परिवहन पर जोर
शिवसेना (यूबीटी)-एमएनएस गठबंधन के वचननामा में किफायती आवास, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने को प्राथमिकता दी गई है। गठबंधन ने घरेलू सहायिकाओं और कोली समुदाय की महिलाओं के लिए ‘स्वाभिमान निधि’ योजना का वादा किया है, जिसके तहत उन्हें हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह योजना मुख्यमंत्री लाडकी बहन योजना की तर्ज पर होगी।
इसके साथ ही मीना ताई ठाकरे के नाम पर ‘मां साहेब रसोई’ शुरू करने की घोषणा की गई है, जहां 10 रुपये में नाश्ता और दोपहर का भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
टैक्स राहत और पार्किंग की गारंटी
घोषणा-पत्र में कहा गया है कि 700 वर्गफुट तक के घरों को प्रॉपर्टी टैक्स से राहत दी जाएगी। साथ ही पुनर्विकसित इमारतों में हर फ्लैट को एक पार्किंग स्लॉट सुनिश्चित करने के लिए नियमों में बदलाव का वादा किया गया है।
सस्ता सार्वजनिक परिवहन और शिक्षा सुधार
सार्वजनिक परिवहन को लेकर गठबंधन ने न्यूनतम बस किराया 10 रुपये से घटाकर 5 रुपये करने, नए बस रूट और अतिरिक्त बसें शुरू करने की बात कही है।
शिक्षा के क्षेत्र में बीएमसी संचालित ‘मुंबई पब्लिक स्कूल’ में जूनियर केजी से लेकर 12वीं तक पढ़ाई की सुविधा देने का वादा किया गया है। इसके अलावा गिग वर्कर्स के लिए ई-बाइक खरीदने हेतु 25,000 रुपये तक के ब्याज-मुक्त ऋण की योजना भी शामिल है।
भाजपा पर तीखा हमला
वचननामा जारी करते हुए दोनों नेताओं ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है और निर्विरोध जीत दिलाने के लिए उम्मीदवारों की “चोरी” की जा रही है। उन्होंने ऐसे मामलों में दोबारा चुनाव कराने और रिटर्निंग अफसरों की कॉल डिटेल्स की जांच की मांग की।
वहीं राज ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र को उत्तर प्रदेश-बिहार की राह पर ले जाया जा रहा है, जो राज्य के भविष्य के लिए खतरनाक है।
2017 के नतीजों की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि 2017 के बीएमसी चुनावों में अविभाजित शिवसेना 84 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, जबकि भाजपा 82 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही थी। कांग्रेस को 31, एनसीपी को 9 सीटें मिली थीं, जबकि एमएनएस को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत न मिलने से राजनीतिक अस्थिरता बनी रही थी।
नए सियासी समीकरण
मौजूदा कार्यक्रम के अनुसार 15 जनवरी को मतदान और अगले दिन मतगणना प्रस्तावित है। इससे पहले ठाकरे बंधुओं का एक साथ आना मुंबई की राजनीति में नए सियासी समीकरणों को जन्म देता दिख रहा है और बीएमसी चुनाव को और भी रोचक बना रहा है।

