ताजनगरी आगरा में गंगा-जमुनी तहज़ीब की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आगरा इस्लामिया लोकल एजेंसी के चेयरमैन हाजी असलम कुरैशी ने कहा है कि इस बार रंगों का पर्व होली और माहे रमजान उल मुबारक एक साथ पड़ रहे हैं, जो आपसी सौहार्द और एकता का अनूठा अवसर है।
उन्होंने कहा कि हमारे हिंदू भाई होली का त्योहार बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाते हैं, वहीं मुस्लिम समुदाय रमजान के पवित्र महीने में अल्लाह की इबादत और रोज़ा रख रहा है। ऐसे में यह समय आपसी प्रेम, सम्मान और भाईचारे को और मजबूत करने का है।
हाजी असलम कुरैशी ने कहा कि आगरा हमेशा से हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल रहा है। पूरे हिंदुस्तान ही नहीं बल्कि विश्व स्तर पर भी यह शहर भाईचारे का संदेश देता आया है। इस बार भी रमजान और होली के एक साथ आने से ताज नगरी से प्रेम, सौहार्द और आपसी सम्मान का पैगाम पूरी दुनिया में जाएगा।
उन्होंने सभी हिंदू और मुस्लिम भाइयों से अपील की कि त्योहारों के इस पावन अवसर पर प्रशासन का पूर्ण सहयोग करें। रमजान का महीना चल रहा है और होली भी नजदीक है, इसलिए कानून व्यवस्था बनाए रखना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। रंगों के इस पर्व को शांति, सद्भाव और आपसी सहयोग के साथ मनाया जाए।
उन्होंने आगरा पुलिस प्रशासन की सराहना करते हुए कहा कि त्योहारों के दौरान सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की अहम भूमिका होती है। इसलिए हम सभी का कर्तव्य है कि प्रशासनिक अधिकारियों को सहयोग दें और उनके प्रयासों की सराहना करें।
आगे आने वाले दिनों में ईद-उल-फितर का पर्व भी मनाया जाएगा। जिस प्रकार ईद पर हिंदू-मुस्लिम भाई एक-दूसरे से गले मिलकर मुबारकबाद देते हैं, उसी प्रकार होली के अवसर पर भी मुस्लिम भाइयों को अपने हिंदू भाइयों के साथ प्रेमपूर्वक त्योहार की शुभकामनाएं साझा करनी चाहिए।
अंत में हाजी असलम कुरैशी ने समूचे मुस्लिम समाज की ओर से हिंदू भाइयों को रंगों के पावन पर्व होली की तहे दिल से मुबारकबाद दी और दुआ की कि आगरा में भाईचारा, अमन और मोहब्बत हमेशा कायम रहे।

