आगरा। शहर के व्यापारियों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अब नगर निगम सीमा क्षेत्र में कारोबार करने वाले व्यापारियों को ट्रेड लाइसेंस टैक्स नहीं देना होगा।

मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाह ने नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल को पत्र भेजकर ट्रेड लाइसेंस व्यवस्था की समीक्षा कर इसे प्राथमिकता के आधार पर निरस्त करने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
⚖️ सरल और पारदर्शी व्यवस्था पर जोर
मेयर ने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में
- अनियमितताएं
- प्रशासनिक जटिलताएं
- भ्रष्टाचार की संभावनाएं
ज्यादा हैं, इसलिए एक सरल, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त नई प्रणाली विकसित कर जल्द लागू की जाए, ताकि
✔ व्यापारियों को अनावश्यक परेशानियों से राहत मिले
✔ राजस्व और नियमन की प्रक्रिया भी सुचारू बनी रहे

📅 पहले लिया गया था यह फैसला
गौरतलब है कि 1 सितंबर 2025 को नगर निगम सदन के 12वें अधिवेशन में 69 प्रकार के व्यापारों पर ट्रेड लाइसेंस टैक्स लगाने का निर्णय लिया गया था।
लेकिन इसके बाद से ही व्यापारी संगठन लगातार इसका विरोध कर रहे थे और टैक्स हटाने की मांग कर रहे थे।
🏪 किन-किन कारोबारों को मिलेगा लाभ
इस फैसले से शहर के कई बड़े और छोटे व्यवसायों को राहत मिलेगी, जिनमें शामिल हैं:
- ब्रांडेड सामान व कपड़ों के शोरूम
- फाइनेंस कंपनियां
- टेंट हाउस
- पेठा निर्माण इकाइयां
- मार्बल, टाइल्स और हार्डवेयर व्यापार
- फाउंड्री व इंजीनियरिंग इंडस्ट्री
- पेंट की दुकानें और डेयरी फार्म
- ब्यूटी पार्लर व एसी प्रतिष्ठान
- ऑटोमोबाइल एजेंसियां
- जूता उद्योग (छोटे और बड़े)
- लोहा, सीमेंट, बालू, ईंट के थोक व्यापारी
- मसाला और पान मसाला उद्योग
🗣️ व्यापारियों को मिला बड़ा आश्वासन
मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाह ने पहले ही व्यापारियों को चरणबद्ध तरीके से ट्रेड टैक्स खत्म करने का भरोसा दिया था, जिसे अब अमल में लाया जा रहा है।
यह फैसला शहर के व्यापारिक माहौल को आसान बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे न सिर्फ व्यापारियों को राहत मिलेगी, बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

