आगरा। आगरा पुलिस कमिश्नरेट में पुलिस व्यवस्था को और आधुनिक बनाते हुए बड़ा बदलाव किया गया है। अब पुलिस गवाहों और आरोपितों के घर जाकर समन या वारंट तामील नहीं करेगी, बल्कि ई-समन और ई-वारंट सीधे उनके मोबाइल और ईमेल आईडी पर भेजे जाएंगे।
दीपक कुमार ने पुलिस लाइन में आयोजित मासिक अपराध समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि डिजिटल तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ अब सर्विलांस और अन्य हाईटेक तरीकों से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं, इसलिए पारंपरिक तरीके से घर-घर जाकर दस्तक देने की आवश्यकता समाप्त हो रही है।
बैठक में तीनों जोन के डीसीपी, एसीपी और थाना प्रभारियों को लंबित विवेचनाओं का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आगामी रामनवमी और डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती के मद्देनज़र सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।
पुलिस आयुक्त ने निर्देश दिया कि जिन मार्गों से शोभायात्राएं निकलनी हैं, उनका पूर्व निरीक्षण किया जाए। मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से कड़ी निगरानी रखी जाए। थाना प्रभारियों को शांति समिति की बैठकें आयोजित कर स्थानीय समस्याओं का समाधान करने के लिए भी कहा गया।
इसके अलावा पुलिसकर्मियों को शिकायतों और मामलों के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। सात वर्ष से कम सजा वाले मामलों की विवेचना दो महीने में और गंभीर मामलों की जांच तीन महीने में पूरी करने को कहा गया है।
पुलिस आयुक्त ने अपराधियों का पूरा डाटा यक्ष ऐप पर अपडेट करने के निर्देश दिए, ताकि अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।

