लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) को लेकर भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि जिन क्षेत्रों में भाजपा की हार तय दिख रही है, वहां पेनड्राइव के जरिए वोटरों की सूची से नाम हटाने की साजिश की जा रही है।
अखिलेश यादव ने कहा कि लोकसभा चुनाव में हार के बाद भाजपा अब सपा, मुस्लिम समाज और PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) वर्ग के वोट काटने की रणनीति पर काम कर रही है। उन्होंने इसे चुनाव आयोग की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर सीधा हमला बताया।
उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में कुल 1 करोड़ 99 हजार 710 वोटरों के नाम काटने का लक्ष्य तय किया गया है। विधानसभा स्तर पर पेनड्राइव तैयार कर ली गई हैं और प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बनाया जा रहा है।
अखिलेश ने आरोप लगाया कि कमिश्नर और जिलाधिकारियों (DM) पर राजनीतिक दबाव है और भाजपा मंडल अध्यक्षों के माध्यम से बूथ लेवल ऑफिसरों (BLO) को पेनड्राइव सौंपी जा रही हैं।
सपा मुखिया ने कहा कि फॉर्म-7 के जरिए बड़े पैमाने पर धांधली की जा रही है और मुस्लिम समाज के मतदाताओं के नाम सुनियोजित ढंग से वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा, “इस तरह की खबरें लगातार आ रही हैं। हमने चुनाव आयोग को लिखित शिकायतें भी भेजी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिख रही।”
अखिलेश यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भाजपा उत्तर प्रदेश हारने वाली है, इसलिए अब “डायलॉग और बहानों की राजनीति” चल रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि जनता इस बार लोकतंत्र और संविधान के पक्ष में खड़ी होकर भाजपा को करारा जवाब देगी।

