लखनऊ। सरकारी स्कूलों के आसपास संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को अब विद्यालय परिसरों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। जिन आंगनबाड़ी केंद्रों की दूरी निकटतम प्राथमिक या कंपोजिट विद्यालय, जहां कक्षा-1 संचालित है, से 200 मीटर तक है और वे गैर-विभागीय भवनों में संचालित हो रहे हैं, उन्हें 15 अगस्त तक संबंधित विद्यालय परिसर में शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की निदेशक हर्षिता माथुर और स्कूल शिक्षा विभाग की महानिदेशक मोनिका रानी ने सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों (DPO) और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को संयुक्त निर्देश जारी किए हैं। दोनों विभाग इस अभियान को मिशन मोड में संचालित करेंगे।
1.64 लाख आंगनबाड़ी केंद्रों की मैपिंग पूरी
दोनों विभागों की ओर से इससे पहले 24 जून को विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों की मैपिंग कराने के निर्देश दिए गए थे। प्रदेश में कुल 1,89,208 आंगनबाड़ी केंद्रों की मैपिंग का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 1,64,480 केंद्रों की मैपिंग पूरी हो चुकी है।
मैपिंग में सामने आया है कि 15,613 आंगनबाड़ी केंद्र अपने निकटतम प्राथमिक या कंपोजिट विद्यालय से 200 मीटर के दायरे में स्थित हैं। इन केंद्रों को चरणबद्ध तरीके से विद्यालय परिसरों में संचालित किया जाएगा।
बालवाटिका के रूप में होंगे विकसित
विद्यालय परिसर में स्थानांतरित किए जाने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों को बालवाटिका के रूप में विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य तीन से छह वर्ष की उम्र के बच्चों को स्कूल जैसा शैक्षणिक और गतिविधि आधारित वातावरण उपलब्ध कराना है।
सरकार का मानना है कि आंगनबाड़ी केंद्रों को विद्यालय परिसरों से जोड़ने से बच्चों में शुरुआती सीखने की क्षमता मजबूत होगी और वे आगे चलकर औपचारिक स्कूली शिक्षा के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे।

