नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी के सुप्रीम कोर्ट में आज एक अप्रत्याशित घटना घटी, जब एक वकील ने मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस गवई पर जूता फेंकने का प्रयास किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, वकील राकेश किशोर (71 वर्ष) ने कोर्ट रूम में जस्टिस गवई की टिप्पणी से आहत होकर यह कदम उठाया।
राकेश किशोर का नाम उस वकील के रूप में सामने आया है, जिसने जज के बयान पर आपत्ति जताते हुए जूता फेंकने का प्रयास किया। कोर्ट में मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्परता से उसे पकड़ लिया। जब पुलिस उसे कोर्ट रूम से बाहर ले जा रही थी, तो उसने जोर से कहा, “सनातन धर्म का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान।”
मामले की जानकारी के अनुसार, जस्टिस गवई ने हाल ही में एक बयान में भगवान विष्णु को लेकर टिप्पणी की थी, जिसके बाद से ही कुछ समुदायों में आक्रोश व्याप्त है। घटना के बाद कोर्ट परिसर में तनाव का माहौल बन गया है।
पुलिस ने आरोपी वकील को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच की जा रही है। इस घटना ने देशभर में तीव्र प्रतिक्रिया को जन्म दिया है, वहीं धार्मिक व सामाजिक संगठनों ने इस कृत्य की निंदा की है।
सुप्रीम कोर्ट की इस घटना ने फिर से न्यायपालिका और धार्मिक संवेदनाओं के बीच जटिलताओं को उजागर किया है। अधिक जानकारी की प्रतीक्षा है।

