‘डी’ श्रेणी से ‘बी’ श्रेणी के क्रॉसिंग स्टेशन में बदलेगा
आगरा।सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्व से जुड़े बटेश्वर रेलवे स्टेशन को बड़ा दर्जा मिलने जा रहा है। आगरा मंडल ने बटेश्वर (बीएएसआर) को वर्तमान ‘डी’ श्रेणी के हॉल्ट स्टेशन से उन्नत कर ‘बी’ श्रेणी के क्रॉसिंग स्टेशन में परिवर्तित करने का प्रस्ताव तैयार किया है।
वर्तमान में बटेश्वर स्टेशन भंडाई–उदीमोर रेलखंड में बाह (एचएबी) और फतेहाबाद (एफएबी) स्टेशनों के बीच स्थित एक ‘डी’ श्रेणी का हॉल्ट स्टेशन है, जहां सीमित सुविधाएं उपलब्ध हैं। प्रस्तावित उन्नयन के बाद यह स्टेशन क्षेत्रीय रेल संचालन और यात्रियों की सुविधा के लिहाज से महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
बटेश्वर का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व विशेष रूप से उल्लेखनीय है। यह भारत के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जन्मस्थली है, जिससे इस स्थान का राष्ट्रीय महत्व और भी बढ़ जाता है। इसके अलावा यमुना नदी के तट पर स्थित प्राचीन शिव मंदिरों के कारण बटेश्वर धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है।
धार्मिक पहचान के साथ-साथ बटेश्वर अपने विश्वविख्यात बटेश्वर पशु मेले के लिए भी जाना जाता है, जिसमें हर वर्ष देश-प्रदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और व्यापारी पहुंचते हैं। ऐसे में स्टेशन का उन्नयन क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी गति देगा।
प्रस्तावित योजना के अंतर्गत स्टेशन के समग्र विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। इनमें 750 मीटर लंबाई की दो लूप लाइनों का निर्माण, एल-भवन सहित स्टेशन भवन का विकास तथा उच्च स्तरीय प्लेटफॉर्म का निर्माण प्रस्तावित है। यात्रियों की सुविधा के लिए परिसंचरण क्षेत्र (सर्कुलेटिंग एरिया) का विकास भी किया जाएगा।
इसके साथ ही जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जल टैंक, बोरवेल और पंप हाउस के निर्माण का प्रस्ताव है। दिव्यांग यात्रियों के लिए आवश्यक सुविधाओं सहित न्यूनतम आवश्यक यात्री सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। तकनीकी दृष्टि से स्टेशन को सुदृढ़ करने के लिए सिग्नलिंग एवं दूरसंचार उपकरणों की स्थापना, इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली तथा दोनों लूप लाइनों के लिए ओएचई (ओवरहेड इक्विपमेंट) में आवश्यक संशोधन भी किए जाएंगे।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, बटेश्वर स्टेशन का ‘बी’ श्रेणी में उन्नयन न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराएगा, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को भी नई मजबूती देगा।

