कहा—अब नौकरी जॉइन नहीं करूंगी; मुख्यमंत्री का जो भी इरादा रहा हो, मुझे गहरी तकलीफ हुई
पटना।बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मुस्लिम महिला डॉक्टर नुसरत का हिजाब खींचने का आरोप सामने आने के बाद यह मामला और गंभीर हो गया है। नुसरत ने घटना से आहत होकर न केवल बिहार छोड़ दिया है, बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया है कि वह अब अपनी सरकारी नौकरी जॉइन नहीं करेंगी।
नुसरत का कहना है कि कार्यक्रम के दौरान जो कुछ हुआ, उसने उन्हें मानसिक रूप से बेहद आहत किया। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री का इरादा जो भी रहा हो, लेकिन जिस तरह से मेरे हिजाब को छुआ या खींचा गया, उससे मुझे बहुत तकलीफ हुई। एक महिला और एक मुस्लिम के रूप में यह मेरे सम्मान से जुड़ा मामला है।”
नुसरत ने आगे कहा कि वह इस घटना के बाद खुद को असुरक्षित और अपमानित महसूस कर रही हैं। उन्होंने कहा कि वह अपनी मेहनत से नौकरी तक पहुंची थीं, लेकिन इस एक घटना ने उनके आत्मसम्मान को गहरी ठेस पहुंचाई है।
इस पूरे मामले ने राज्य की राजनीति में भी हलचल मचा दी है। विपक्षी दलों और अल्पसंख्यक संगठनों ने घटना की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री से स्पष्टीकरण और माफी की मांग की है। उनका कहना है कि किसी महिला के पहनावे में दखल देना न केवल असंवैधानिक है, बल्कि धार्मिक स्वतंत्रता का भी उल्लंघन है।
हालांकि, अब तक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार या मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सार्वजनिक मंचों पर संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों से संवेदनशीलता और मर्यादा की कितनी बड़ी अपेक्षा होती है, खासकर जब मामला महिलाओं और अल्पसंख्यक अधिकारों से जुड़ा हो।

