देश की सर्वोच्च अदालत ने साफ कर दिया —
चाहे किरायेदारी 5 साल की हो या 50 साल की,
मालिक तो मालिक ही रहेगा! ⚖
🔹 केस: ज्योति शर्मा बनाम विष्णु गोयल
🔹 सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी:
“किरायेदार मालिक की अनुमति से रहता है, इसलिए प्रतिकूल कब्जे (Adverse Possession) का नियम लागू नहीं होता।”
💡 क्या मतलब है?
🏠 किराया भरने वाला मालिक नहीं बन सकता, चाहे दशकों तक वही रहा हो!
⚖️ कोर्ट ने साफ कहा:
“संपत्ति पर अधिकार हमेशा मालिक का रहेगा, और वह कभी भी अपनी संपत्ति वापस पाने का हकदार है।”
💥 इस फैसले का असर:
किरायेदार द्वारा मालिकाना हक का दावा करने वाले सभी मामलों के लिए मिसाल!
#SupremeCourt #PropertyRights #LegalUpdate #TenancyLaw #IndiaNews

