आगरा।बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक कार्यक्रम के दौरान मुस्लिम महिला डॉक्टर से कथित रूप से हिजाब हटवाए जाने के मामले ने सियासी तूल पकड़ लिया है। शहर कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के शहर अध्यक्ष बशीर-उल-हक़ रॉकी ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए मुख्यमंत्री पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
बशीर-उल-हक़ रॉकी ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा किसी महिला के पहनावे में दखल देना न केवल असंवैधानिक है, बल्कि यह महिलाओं के सम्मान और धार्मिक स्वतंत्रता के भी खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि पटना में हुए कार्यक्रम के दौरान एक मुस्लिम महिला डॉक्टर से चेहरे का पर्दा हटवाया गया, जो पूरी तरह आपत्तिजनक है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत का संविधान हर नागरिक को अपने धर्म और संस्कृति के अनुसार पहनावा चुनने का अधिकार देता है, और मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से ऐसी संवेदनशीलता की अपेक्षा की जाती है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस पूरे मामले पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा देने की मांग की।
बशीर-उल-हक़ रॉकी ने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाएं समाज में गलत संदेश देती हैं और अल्पसंख्यक समुदाय में असुरक्षा की भावना पैदा करती हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से अपील की कि महिलाओं की गरिमा और धार्मिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
फिलहाल इस मामले पर मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

