नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। प्रदर्शन शुरू होते ही दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात कर दी गईं। अधिकारियों के अनुसार, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपक अमेरिका से नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी संदेश में कहा कि वह प्रदर्शन में शामिल सभी लोगों से मिलने को उत्सुक हैं और आंदोलन को पूरी तरह शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक तथा सकारात्मक तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
गौरतलब है कि अभिजीत दीपक ने हाल ही में बोस्टन से भारत लौटने की घोषणा करते हुए परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं के विरोध में आंदोलन शुरू करने की बात कही थी। साथ ही उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई थी।
प्रदर्शन के दौरान कई छात्रों ने शिक्षाविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाए जाने की मांग की। हालांकि सोनम वांगचुक ने स्पष्ट किया कि उनका राजनीति में आने का कोई इरादा नहीं है।
सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को आगे बढ़कर जिम्मेदारी निभानी चाहिए और व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाने में सक्रिय भूमिका अदा करनी चाहिए। उनके अनुसार केवल नेतृत्व परिवर्तन से समस्याओं का समाधान नहीं होगा, बल्कि युवाओं की भागीदारी और जवाबदेही भी आवश्यक है।
सोनम वांगचुक ने यह भी कहा कि वह चाहती हैं कि राजनेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों के बच्चे भी सरकारी स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में पढ़ें। उनका मानना है कि जब प्रभावशाली वर्ग सीधे सरकारी शिक्षा व्यवस्था से जुड़ेगा, तब उसकी गुणवत्ता सुधारने की दिशा में अधिक गंभीर प्रयास होंगे।
उनके वक्तव्य को प्रदर्शनकारियों का व्यापक समर्थन मिला और शिक्षा सुधार का मुद्दा आंदोलन के केंद्र में बना रहा।
जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस लगातार निगरानी बनाए हुए है। सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर नजर रखे हुए हैं ताकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।

