लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में चल रही SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया को लेकर गहरी चिंता जाहिर की है। मुख्यमंत्री के अनुसार प्रदेश में अब तक करीब 4 करोड़ मतदाताओं के नाम मिसिंग पाए गए हैं, जो आने वाले समय में पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक नुकसान साबित हो सकता है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में लगभग 16 करोड़ मतदाता होने चाहिए, लेकिन अब तक सिर्फ 12 करोड़ मतदाताओं के नाम ही सूची में जुड़ पाए हैं। इस स्थिति को बेहद गंभीर बताते हुए उन्होंने बीजेपी संगठन को स्पष्ट शब्दों में आगाह किया।
सीएम योगी ने संगठन से कहा—
“ये विपक्ष के नहीं, आपके मतदाता हैं। जिनके नाम नहीं जुड़ पाए हैं, उनमें बड़ी संख्या हमारे समर्थकों की है।”
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते इस पर काम नहीं किया गया तो इसका सीधा लाभ विपक्ष को मिल सकता है। मुख्यमंत्री ने पार्टी संगठन को SIR प्रक्रिया में युद्ध स्तर पर जुटने का निर्देश देते हुए कहा कि देरी करने का समय नहीं है, यह एक बड़ा अवसर है और इसका पूरा लाभ उठाया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि SIR अभियान में बेहतर काम करने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया जाएगा, ताकि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़े और अभियान को गति मिले।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, सीएम योगी का यह संदेश आने वाले चुनावों से पहले संगठन को अलर्ट करने और मतदाता सूची को मजबूत करने की रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

