Times of Taj | आगरा
आगरा। उ.प्र. प्रधानाचार्य परिषद् का प्रतिनिधिमंडल पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत गुरुवार को प्रातः 11:30 बजे कलेक्ट्रेट पहुंचा, जहां जनपद के प्रधानाचार्यों को जनगणना ड्यूटी से मुक्त रखने के संबंध में जिला प्रशासन से भेंट की गई।
प्रशासनिक निर्देशानुसार प्रतिनिधिमंडल ने अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) से उनके कार्यालय में मुलाकात कर विषय पर विस्तार से चर्चा की। परिषद् की ओर से स्पष्ट रूप से मांग रखी गई कि प्रधानाचार्यों को जनगणना ड्यूटी से मुक्त रखा जाए, ताकि वे अपने शैक्षणिक दायित्वों का निर्वहन सुचारु रूप से कर सकें। इस दौरान परिषद् ने अपने पक्ष में आवश्यक तथ्य और तर्क भी प्रस्तुत किए।
बैठक के दौरान एक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया कि माध्यमिक शिक्षा के सभी शिक्षकों के नाम जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा प्रशासन को ड्यूटी हेतु उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। इस पर अपर जिलाधिकारी महोदया ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक को स्पष्टीकरण के लिए तलब करने के निर्देश दिए हैं।
अपर जिलाधिकारी ने यह भी निर्देशित किया कि सभी प्रधानाचार्य अपने-अपने विद्यालयों के उन शिक्षकों का विवरण उपलब्ध कराएं, जिनकी जनगणना ड्यूटी केवल इस कारण नहीं लगाई गई कि उनके नाम प्रशासन को नहीं भेजे गए। मांगी गई सूचना में शिक्षक का नाम, खाता संख्या, बैंक का नाम और मोबाइल नंबर शामिल करने को कहा गया है।
निर्देशानुसार तीन दिवस के भीतर यह समस्त जानकारी व्यक्तिगत रूप से अपर जिलाधिकारी को उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि सूचना प्राप्त होने के बाद जनपद के सभी प्रधानाचार्यों को जनगणना ड्यूटी से मुक्त करने पर विचार किया जाएगा।
परिषद् अध्यक्ष नरेन्द्र कुमार लवानियाँ और महामंत्री डॉ. मौ. जमीर ने संयुक्त रूप से सभी प्रधानाचार्यों से अपील की है कि वे मांगी गई जानकारी अपने विद्यालय के लेटरपैड पर टाइप कराकर शीघ्र उपलब्ध कराएं तथा हस्ताक्षर के नीचे अपना नाम स्पष्ट रूप से अंकित करें, ताकि निर्धारित समय सीमा में सूचना प्रशासन को सौंपी जा सके।
इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष नरेन्द्र कुमार लवानियाँ, महामंत्री डॉ. मौ. जमीर, ममता दीक्षित, अविनाश जैन, जोयस साइलस, प्रीति नागपाल, रामनाथ तिवारी, निखिलेन्द्र जैन सहित अन्य प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।

