आगरा: मस्जिद नहर वाली, सिकंदरा के खतीब मुहम्मद इक़बाल ने आज नमाज़ जुमा के ख़ुत्बे में नमाजियों से सवाल किया कि क्या हम वास्तव में इस्लाम की शिक्षाओं को मानते है ।
खतीब ने कुरआन करीम, सूरह अल-बक़रा, आयत 208 का हवाला देते हुए कहा:
“ऐ ईमानवालों! इस्लाम की शिक्षाओं पर अमल करो और शैतान के नक्श-ए-कदम पर न चलो, यकीन मानो वह तुम्हारा खुला दुश्मन है।”
उन्होंने बताया कि यह हिदायत इसलिए दी गई क्योंकि इंसान को दी गई आजादी का गलत इस्तेमाल करने से उसे नुकसान उठाना पड़ सकता है।
मुहम्मद इक़बाल ने शादी के मामलों का उदाहरण देते हुए कहा:
इस्लाम में निकाह को आसान बनाया गया है।
फिजूलखर्ची करने वालों को शैतान का भाई कहा गया है।
बरात और बड़े पैमाने पर दावतें या जहेज़ का लेन-देन इस्लाम में नहीं है।
खतीब ने नमाजियों से अपील की कि अपने आचरण और कर्मों का मूल्यांकन करें, खुद भी बचें और दूसरों को भी बचाएँ। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हमने अल्लाह के फरमानों की नाकामी की, तो क़ियामत के दिन हम क्या जवाब देंगे।
मुहम्मद इक़बाल ने जोर देकर कहा कि शैतान के नक्श-ए-कदम पर चलने से बचें और अपनी ज़िन्दगी में कुरआन के सिद्धांतों के अनुसार सुधार करें।

