लखनऊ,। आठवें केंद्रीय वेतन आयोग की बैठक में सोमवार को उत्तर प्रदेश के अधिकारी, कर्मचारी और पेंशनर संगठनों ने अपनी वर्षों पुरानी मांगों को मजबूती से रखा। राजधानी लखनऊ में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में वेतन वृद्धि, पेंशन सुधार, महंगाई भत्ते (DA) के मूल वेतन में विलय, संविदा कर्मियों के नियमितीकरण और पेंशनरों के लिए नई सुविधाओं जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए।
होटल रेनेसां में आयोजित बैठक में आयोग ने सुबह से देर शाम तक विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों से संवाद किया। उत्तर प्रदेश सरकार के वित्त विभाग ने प्रदेश की मजबूत होती आर्थिक स्थिति का प्रस्तुतीकरण देते हुए बताया कि पिछले दस वर्षों में राज्य की आय और वित्तीय क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है तथा सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को सफलतापूर्वक लागू किया गया है।
बैठक के दौरान आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों के संगठनों ने वेतन ढांचे में सुधार और वरिष्ठ अधिकारियों के लिए बेहतर वेतन प्रगति की मांग की। उनका कहना था कि बढ़ती जिम्मेदारियों के अनुपात में उच्च स्तरों पर वेतन वृद्धि पर्याप्त नहीं है।
दूसरी ओर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने कर्मचारियों की ओर से बड़ा पक्ष रखते हुए न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी, 50 प्रतिशत महंगाई भत्ते को मूल वेतन में शामिल करने, समयबद्ध पदोन्नति तथा संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग जोर-शोर से उठाई।
पेंशनरों ने भी रखीं अहम मांगें
अखिल भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ ने आयोग के समक्ष पेंशनरों की समस्याओं को रखते हुए पेंशन संशोधन, पेंशन राशिकरण की बहाली अवधि कम करने, 65, 70 और 75 वर्ष की आयु पर अतिरिक्त पेंशन, एलटीसी सुविधा और पूरे देश में एक समान चिकित्सा नीति लागू करने की मांग की।
कर्मचारी संगठनों में नाराजगी
बैठक के बीच कुछ कर्मचारी संगठनों ने आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल भी उठाए। उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ ने आरोप लगाया कि केवल अखिल भारतीय स्तर के संगठनों को बुलाकर राज्य स्तरीय संगठनों की उपेक्षा की गई है। वहीं लोक निर्माण विभाग मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन ने विरोध स्वरूप मंगलवार को काला फीता बांधकर काम करने का ऐलान किया है।
अब कर्मचारियों की निगाहें आयोग की सिफारिशों पर
आठवें वेतन आयोग की इस बैठक ने प्रदेश के लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों की उम्मीदों को नई दिशा दी है। वेतन, भत्तों और पेंशन में संभावित बदलावों को लेकर कर्मचारियों में उत्सुकता बढ़ गई है। आयोग मंगलवार को भी विभिन्न संगठनों से बातचीत जारी रखेगा, जिसके बाद सिफारिशों का प्रारूप तैयार किया जाएगा।
— रिपोर्ट: अज़हर उमरी
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