नमो अध्ययन केन्द्र के अध्यक्ष प्रो. जसीम मोहम्मद ने इसरो के पूर्व अध्यक्ष प्रो. एस. सोमनाथ के साथ सार्थक चर्चा की।
प्रो. एस. सोमनाथ ने नमो अध्ययन केंद्र की पहलों की सराहना की; प्रो. जसीम मोहम्मद ने केंद्र के प्रकाशन और विजन प्रस्तुत किए।
अलीगढ़, : नमो अध्ययन केंद्र (नमो केन्द्र) के अध्यक्ष प्रो. जसीम मोहम्मद ने अलीगढ़ में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व अध्यक्ष प्रो. एस. सोमनाथ से मुलाकात की और भारत की वैज्ञानिक और शैक्षणिक प्रगति के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
इस अहम भेंट के दौरान, प्रो. जसीम मोहम्मद ने प्रो. एस. सोमनाथ को नमो अध्ययन केंद्र के विजन, नौ वर्ष का सफर, उद्देश्यों और चल रही पहलों के बारे में जानकारी दी। नमो केन्द्र भारत की विकास यात्रा और शासन मॉडल पर शैक्षणिक अनुसंधान, नीति विश्लेषण और बौद्धिक संवाद को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है। उन्होंने बताया कि कैसे नमो अध्ययन केन्द्र प्रकाशनों, संगोष्ठियों और शैक्षणिक एवं केंद्रीय संस्थानों के साथ सहयोग के माध्यम से अनुसंधान और राष्ट्रीय नीति के बीच की खाई को पाटने के लिए काम कर रहा है।
प्रो. जसीम मोहम्मद ने प्रो. सोमनाथ को नमो अध्ययन केन्द्र द्वारा प्रकाशित पुस्तकों का एक संग्रह भेंट किया, जिसमें केंद्र के विद्वत्तापूर्ण योगदान को दर्शाया गया है। उन्होंने प्रो. एस सोमनाथ को उनके उत्कृष्ट नेतृत्व, वैज्ञानिक दूरदर्शिता और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी एवं नवाचार में भारत की प्रगति में योगदान के सम्मान में नमो अध्ययन केन्द्र की शासी परिषद का अध्यक्ष बनने का निमंत्रण भी दिया।
इसरो के प्रो. एस सोमनाथ ने नमो अध्ययन केन्द्र द्वारा की गई पहलों की सराहना की और भारत के विकासात्मक एवं तकनीकी विकास की गहरी समझ को बढ़ावा देने के इसके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने केंद्र के उद्देश्यों में रुचि व्यक्त की और युवा मस्तिष्कों को अनुसंधान, नवाचार और राष्ट्रीय सेवा के लिए प्रेरित करने हेतु निरंतर कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया।
नमो केन्द्र के अध्यक्ष प्रो. जसीम मोहम्मद ने इस बैठक को अत्यंत सार्थक और समृद्ध बताया और कहा कि प्रो. एस सोमनाथ के प्रोत्साहन और दृष्टिकोण ने नमो अध्ययन केन्द्र के निरंतर मिशन में बहुमूल्य अंतर्दृष्टि प्रदान की।
अलीगढ़ की प्रतिष्ठित आवर लेडी ऑफ़ फ़ातिमा स्कूल की छात्रा अलीशा ज़ैनब ने भी इस बैठक के दौरान इसरो के पूर्व अध्यक्ष प्रो. एस. सोमनाथ को अपनी संकलित और संपादित पुस्तक “नरेंद्र मोदी परीक्षा पे चर्चा” भेंट की। उनके साथ उनकी बहन एवं ओ एल एफ की छात्रा मरियम हारून भी थीं, और दोनों ने भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों में उनके उल्लेखनीय योगदान की सराहना की।

