चिकबलपुर: सत्य साई ग्राम, मुद्देनहल्ली,-सत्य साई ग्राम में वन वर्ल्ड वन फैमिली वर्ल्ड कल्चरल फेस्टिवल 2025 शानदार तरीके से जारी है, तथा कई देशों जैसे मध्य पूर्व, दक्षिण-पूर्वी एशिया एवं यूरोप को वैश्विक एकता के इस बेहतरीन प्रदर्शन में एक साथ ला रहा है।

11 दिवसीय मनमोहक नवरात्रि और अथि रुद्र महायज्ञ समारोहों के साथ, भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं, अनुष्ठानों और भावों के शाश्वत सार को पुनः जीवंत करते हुए, इस महोत्सव ने आध्यात्मिक गति प्राप्त कर ली है। सत्य साईं ग्राम, श्रृंगेरी शारदा पीठम के 121 पुजारियों द्वारा 11 दिनों में 14,641 बार यजुर्वेद से श्री रुद्रम के जाप से गूंज उठा, जिससे विश्व शांति और सद्भाव की कामना की गई। इस आयोजन पर विचार करते हुए, सद्गुरु श्री मधुसूदन साईं ने कहा, “नवरात्रि हमारे भीतर की दिव्य चेतना को जागृत करने का समय है। हम भक्ति, सेवा और एकता के माध्यम से- प्रेम, शांति और सद्भाव से एकजुट विश्व का निर्माण करना चाहते हैं।“

इन समारोहों के दो मुख्य आकर्षण केन्द्र रहे- नाडा गुरुकुलम का उद्घाटन, जो प्रदर्शन कला, दृश्य कला, लोक परंपराओं और रंगमंच का केंद्र है। दूसरा- विजयादशमी के दिन श्री उमामहेश्वर मंदिर का अभिषेक और उद्घाटन। यह एक पवित्र तीर्थस्थल है और जिसे दुनिया भर के तीर्थयात्रियों के लिए दिव्य कृपा और आध्यात्मिक शांति का स्थायी स्रोत माना जाता है।

इजिप्ट से लेकर वियतनाम, थाईलैंड, चीन एवं होंग-कांग से लेकर स्वीडन और नॉर्वे तक, दुनिया भर के आध्यात्मिक नेताओं और विद्वानों ने मानवता को वन वर्ल्ड वन फैमिली के रूप में एकजुट करने के प्रयास पर अपने अनुभव साझा किए। इन महत्वपूर्ण विचारों में से कुछ विचार इस प्रकार हैं- ‘ “दयालुता का प्रत्येक कार्य, चाहे वह कितना भी छोटा क्यों न हो, ऐसे बीज बोता है जो लम्बे समय तक बने रहते हैं।’, ‘ जब एक भी हृदय भय के स्थान पर प्रेम को चुनता है, तो दुनिया खूबसूरतत हो जाती है,“ “सर्वोच्च गुण प्रतिभा या शक्ति नहीं है, बल्कि देखभाल करने का शांत साहस है,“ और “हिकमत – ज्ञान – तीन प्रकार के प्रेम के ज़रिए प्राप्त ज्ञान हैः ईश्वर का प्रेम, मानवता का प्रेम और विश्व का प्रेम, जो एक हृदय और एक अस्तित्व में एकजुट है।“

वन वर्ल्ड वन फैमिली वर्ल्ड कल्चरल फेस्टिवल 2025 के दौरान इजिप्ट, नेपाल, कंबोडिया, थाईलैंड, इंडोनेशिया, फ्रांस, स्वीडन, होंग-कोंग आदि देशों के मानवतावादियों को उनके असाधारण साहस और मानवता की सेवा के दृढ़ संकल्प के लिए सम्मानित किया गया। इस महोत्सव में उन कॉर्पोरेट संगठनों की अटूट प्रतिबद्धता और सहयोगपूर्ण सद्भाव को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने वन वर्ल्ड, वन फैमिली मिशन को समर्थन देते हुए सेवा, निस्वार्थ प्रेम और एकजुटता को सर्वोपरि रखा है।

महोत्सव में हिस्सा लेने वाले गणमान्य प्रतिनिधियों में शामिल थे- श्री बीमसिंह नरेन्द्रन, चेन्नई-भारत में फिलिपीन्स के ऑनोरेरी कौंसुल; श्री रॉन बॉटिस्टा, भारत में फिलिपीन्स गणराज्य के दूतावास के वाइस-कौंसुल और तीसरे सचिव; तथा श्री एनएन श्रीनिवास मूर्ति, वियतनाम के माननीय कौंसुलेट, कर्नाटक, बैंगलोर।
महोत्सव में उन विश्वस्तरीय लीडर्स को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपनी दूरदर्शिता, इनोवेशन और समर्पण के साथ मुश्किल चुनौतियों को हल करने तथा सभी के लिए बेहतर दुनिया के निर्माण में योगदान दिया है। ऐसे प्रख्यात व्यक्तित्वों में – डॉ आनंद रंगनाथन, जाने-माने वैज्ञानिक, लेखक तथा सार्वजनिक इंटेलेक्चुअल और श्री इंजेटी श्रीनिवास, चेयरपर्सन, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और फाउंडिंग चेयरपर्सन, इंटरनेशनल फाइनैंशियल सर्विसेज़ सेंटर्स ऑथोरिटी- शामिल थे।
डॉ आनंद रंगनाथन ने कहा, ‘‘सत्य साई ग्राम और परिसर का दौरा करने तथा लोगों के साथ बातचीत करने के बाद मैं सोचता हूं कि अगर इस स्थान पर पूर्णता प्राप्त की जा सकती है, तो भारत में क्यों नहीं?’’
श्री इंजेटी श्रीनिवास ने कहा, ‘‘किसी के लिए भी इस तरह का संस्थान बनाना और मात्र 10 सालों में दुनिया पर ऐसा प्रभाव उत्पन्न करना मानवीय रूप से असंभव है। यह इस बात का प्रमाण है कि ईश्वर की शक्ति के बिना इस तरह का काम संभव नहीं है।’
महोत्सव की हर सुबह आध्यात्मिक ज्ञान, चिंतन और कार्यान्वयन पर केंद्रित थी, वहीं हर शाम विभिन्न देश संगीत, नृत्य और कला के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक विरासत का प्रतिनिधित्व कर रहे थे।
थाईलैण्ड से रामकेन के मंचन, इंडोनेशिया से शबरी के समर्पण एवं हनुमान की दिव्य मित्रता पर केंद्रित रामायण के कथन, सीता के दृष्टिकोण से रामायण – इन सभी प्रस्तुतियों ने साहस, करूणा एवं दृ़ढ़ विश्वास का संदेश दिया। इसने सनातन धर्म की पौराणिक कथाओं एवं आध्यात्मिक अवधारणाओं में से एक रामायण की विशिष्टता की भी पुष्टि की। सदगुरू श्री मधुसूदन साई ने कहा, ‘‘सनातन धर्म, की जड़ें हालांकि भारत में हैं, लेकिन यह भारत तक सीमित नहीं है, यह पूरी दुनिया के लिए है।’’
वियतनाम से हाईलैण्ड नृत्य की उत्तरी धुनों, फ्रांस से मोंटेन मॉडर्न ऑर्केस्ट्रा की प्रस्तुति, चिलि के कलाकारों द्वारा टिटो गुटिरेज़ फाइव के जीवंत संगीत तथा स्वीडन और नॉर्वे के प्राचीन भावपूर्ण बासुंरी वादन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
श्री सत्य साई युनिवर्सिटी फॉर ह्युमन एक्सीलेन्स के छात्रों ने चीनी संस्कृति की सबसे जीवंत और शुभ परंपराओं में से एक – शेर नृत्य का प्रदर्शन किया। उसके बाद हांग-कोंग एकेडमी फॉर परफोर्मिंग आर्ट्स द्वारा संगीतमय प्रस्तुतियों स्पष्ट कर दिया कि किस प्रकार मानवता एकजुट है।
सांस्कृतिक, मानवीय एवं आध्यात्मिक ज्ञान के आदान-प्रदान के बीच वन वर्ल्ड वन फैमिली मिशन ने उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित किए हैं। चिक्कबल्लापुर जिले के चेलूर गाँव में, वन वर्ल्ड वन फैमिली मिशन द्वारा 47वें साईं स्वास्थ्य अर्जेंट केयर सेंटर का उद्घाटन किया गया, जो रोगों की रोकथाम, निदान एवं समय पर उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। श्री मधुसूदन साईं आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान और जनरल इंश्योरेंस काउंसिल के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए, जो प्रत्येक नागरिक के लिए सुलभ, समान और करुणामय स्वास्थ्य सेवा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सत्य साईं ग्राम में वन वर्ल्ड वन फैमिली वर्ल्ड कल्चरल फेस्टिवल 2025 का साक्षी बनें, जो सही मायनों में सांस्कृतिक विविधता, साझा मानवता और वैश्विक एकता की किरण के रूप में उभर रहा है।

