नई दिल्ली,: सेंटर फ़ॉर नमो स्टडीज़ एवं अध्ययन एजुकेशन ट्रस्ट द्वारा इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में ‘श्रेष्ठ स्कूल पुरस्कार 2026’ का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से आए उत्कृष्ट शैक्षणिक संस्थानों को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर गुणवत्तापूर्ण और समावेशी शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विद्यालयों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मान प्रदान किया गया।
‘शहरी सर्वश्रेष्ठ सरकारी विद्यालय’ श्रेणी में द एयर फ़ोर्स स्कूल को शीर्ष सम्मान मिला। वहीं ‘शहरी’ एवं ‘अर्ध-शहरी सर्वश्रेष्ठ सार्वजनिक विद्यालय’ श्रेणियों में मॉडर्न स्कूल बाराखंभा रोड, दी ब्लॉसम्स स्कूल अलीगढ़, दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल आष्टा तथा बनात मॉडल स्कूल गया को ‘सर्वश्रेष्ठ सार्वजनिक विद्यालय’ के रूप में मान्यता दी गई।
‘ग्रामीण-अर्ध-शहरी’ श्रेणी में एम.ए.एच. इंटर कॉलेज ग़ाज़ीपुर को श्रेष्ठ सरकारी विद्यालय का पुरस्कार मिला। इसके अलावा द रियल लाइफ़ स्कूल वाराणसी तथा हनफ़िया इस्लामिया संस्थान अनंतनाग को सर्वश्रेष्ठ माध्यमिक विद्यालय के रूप में चयनित किया गया।
कार्यक्रम में जगदीश मुखी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप शिक्षा सुधारों की सराहना की।
इस अवसर पर प्रोफेसर जसीम मोहम्मद ने अपने संबोधन में कहा कि देश में स्कूलों के लिए एक स्वतंत्र मूल्यांकन आयोग का गठन अत्यंत आवश्यक है, ताकि शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 भारत की शिक्षा व्यवस्था को एक नई दिशा प्रदान कर रही है, जो समग्र विकास और कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देती है।
कार्यक्रम की समन्वयक प्रो दिव्या तंवर ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य उन विद्यालयों को प्रोत्साहित करना है जो शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और उत्कृष्टता का परिचय दे रहे हैं।
इसके साथ ही शालीमार बाग स्थित मॉडर्न पब्लिक स्कूल शालीमार बाग की प्रधानाचार्या डॉ. अलका कपूर को ‘श्रेष्ठ प्रधानाचार्य पुरस्कार 2025-26’ से सम्मानित किया गया।
निर्णायक मंडल के अध्यक्ष फ़िरोज़ बख़्त अहमद ने बताया कि चयन प्रक्रिया कठोर मानकों के आधार पर की गई, जिससे देशभर के विद्यालयों को निष्पक्ष रूप से प्रतिनिधित्व मिल सके।
कार्यक्रम में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. मनीष ढाबदे, डॉ. आमना मिर्ज़ा, डॉ. मुश्ताक अंसारी सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
यह सम्मेलन देश के महान उद्योगपति रतन नवल टाटा की स्मृति एवं विरासत को समर्पित रहा, जिन्होंने शिक्षा और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

