आगरा। लघु उद्योग भारती, आगरा एवं राज्य कर विभाग (एसजीएसटी), आगरा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “उद्यमी संवाद कार्यक्रम” में उद्योग एवं व्यापार जगत से जुड़े उद्यमियों ने जीएसटी व्यवस्था से संबंधित विभिन्न समस्याओं, सुझावों एवं सुधार प्रस्तावों पर विभागीय अधिकारियों के साथ सार्थक संवाद किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उद्यमियों, व्यापारियों एवं कर विशेषज्ञों ने सहभागिता कर उद्योगों के समक्ष आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों को प्रमुखता से उठाया।
कार्यक्रम के दौरान लघु उद्योग भारती, आगरा द्वारा जीएसटी संबंधी प्रमुख समस्याओं एवं सुधार सुझावों का विस्तृत प्रत्यावेदन राज्य कर विभाग को सौंपा गया। संगठन के जिला अध्यक्ष विजय गुप्ता ने उद्योगों की ओर से विभिन्न मुद्दों को उठाते हुए कहा कि वर्षों पुरानी टोल रिपोर्टों की मांग के स्थान पर उन्हें ई-वे बिल पोर्टल से स्वतः लिंक किया जाना चाहिए, जिससे अनुपालन प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बन सके।
उन्होंने कहा कि जीएसटी कंप्लायंस रेटिंग स्कोर प्रणाली को शीघ्र लागू किया जाना चाहिए, जिससे ईमानदार करदाताओं को प्रोत्साहन मिले और बाजार में विश्वसनीयता बढ़े। साथ ही बकाया ब्याज एवं पेनाल्टी की वसूली से पूर्व उपलब्ध क्रेडिट लेजर से समायोजन की व्यवस्था लागू किए जाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने छोटी तकनीकी त्रुटियों अथवा अल्प धनराशि के मामलों में लगाए जाने वाले भारी जुर्मानों को समाप्त करने तथा बकाया कर पर लागू 18 प्रतिशत ब्याज दर को उद्योग हित में युक्तिसंगत बनाने की मांग भी रखी।
विजय गुप्ता ने अपीलीय प्राधिकरणों को पुनः रिमांड की शक्ति प्रदान करने तथा अपील दायर करने हेतु अनिवार्य 10 प्रतिशत प्री-डिपॉजिट की सीमा कम किए जाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इससे विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को न्याय प्राप्त करने में सुविधा होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन सुधारों से जीएसटी व्यवस्था अधिक व्यावहारिक, उद्योग-अनुकूल और विश्वास आधारित बन सकेगी।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि पंकज गांधी, एडिशनल कमिश्नर (ग्रेड-1), राज्य कर विभाग, आगरा ने विभाग की सहयोगात्मक कार्यशैली पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर आने वाली समस्याओं का यथासंभव त्वरित एवं सकारात्मक समाधान किया जाएगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि विभाग उद्यमियों और व्यापारियों के साथ समन्वय एवं सहयोग की भावना से कार्य करेगा तथा किसी भी प्रकार के अनावश्यक उत्पीड़न को रोकने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्य अतिथि राकेश गर्ग, अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम ने प्रदेश सरकार की उद्योग एवं व्यापार हितैषी नीतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में केंद्र और प्रदेश सरकार उद्योगों के विकास, निवेश संवर्धन, रोजगार सृजन तथा उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि शासन की स्पष्ट मंशा उद्योगों और व्यापार को प्रोत्साहन देने की है तथा सभी विभागों को उद्योग-अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने विभागीय स्तर पर नियुक्त नोडल अधिकारियों की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर देते हुए कहा कि इससे उद्यमियों की समस्याओं का त्वरित और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा।
कार्यक्रम में सीए निखिल गुप्ता, सेल अध्यक्ष (जीएसटी), लघु उद्योग भारती, आगरा ने उद्यमियों से प्राप्त जीएसटी संबंधी समस्याओं एवं सुझावों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया। उन्होंने कहा कि उद्योग जगत एवं विभाग के बीच नियमित संवाद से अधिकांश व्यावहारिक समस्याओं का समाधान संभव है तथा इससे कर प्रणाली अधिक प्रभावी और पारदर्शी बन सकती है।
इस अवसर पर विभागीय अधिकारियों ने उद्यमियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए जीएसटी के विभिन्न प्रावधानों एवं प्रक्रियाओं की जानकारी दी तथा अनेक मामलों में तत्काल समाधान हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए।
कार्यक्रम के अंत में जिला महासचिव राजीव बंसल ने सभी अतिथियों, विभागीय अधिकारियों एवं उपस्थित उद्यमियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे संवाद कार्यक्रम उद्योगों और विभाग के बीच विश्वास, पारदर्शिता तथा बेहतर समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रदेश सचिव मनीष अग्रवाल रावी, कोषाध्यक्ष संजीव जैन, सीए नितेश गुप्ता, सीए आलोक अग्रवाल, अंकुर अग्रवाल, अरविंद शुक्ला, उपाध्यक्ष दिनेश गुप्ता, शैलेश अग्रवाल, अनुज सिंघल सहित बड़ी संख्या में उद्यमी, व्यापारी, कर विशेषज्ञ एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

