नई दिल्ली। भारत में स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती लागत और हेल्थकेयर फाइनेंसिंग की जरूरतों को देखते हुए HARLEY of LONDON INDIA (HOLI) और BSE में सूचीबद्ध तथा RBI द्वारा विनियमित Gilada Finance & Investments Ltd ने एक संयुक्त वेलनेस फाइनेंस वेंचर शुरू करने की घोषणा की है। Delamore & Owl Group के समर्थन से शुरू की गई यह पहल स्वास्थ्य, वेलनेस और वित्तीय सेवाओं को एक मंच पर लाने का प्रयास करेगी।
कंपनियों के अनुसार, भारत का हेल्थकेयर फाइनेंसिंग बाजार वर्ष 2030 तक 10.4 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकता है। इसके बावजूद देश में स्वास्थ्य खर्च का बड़ा हिस्सा अभी भी लोगों को अपनी जेब से वहन करना पड़ता है। ऐसे में यह साझेदारी स्वास्थ्य और वेलनेस सेवाओं के लिए आसान वित्तीय समाधान उपलब्ध कराने पर केंद्रित होगी।
इस पहल के तहत HOLNESS CareCredit Fund के माध्यम से उपभोक्ताओं को चिकित्सा और वेलनेस सेवाओं के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, जबकि HOLNESS SME Growth Fund वेलनेस क्षेत्र के छोटे और मध्यम उद्यमों को बढ़ावा देगा। इसके अलावा Convertible Debenture Programme के जरिए निवेशकों की भागीदारी और कारोबारी विस्तार को प्रोत्साहित किया जाएगा।
HOLI के संस्थापक संजीव कुमार ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य निवेश और सामाजिक कल्याण को जोड़ते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक किफायती बनाना है। वहीं Gilada Finance के प्रबंध निदेशक राजगोपाल गिलाडा ने कहा कि कंपनी की नियामकीय मजबूती और HOLI की दूरदृष्टि मिलकर स्वास्थ्य एवं वेलनेस क्षेत्र के लिए एक नई वित्तीय व्यवस्था तैयार करेगी।
संयुक्त उद्यम की दीर्घकालिक योजना में GCC देशों, यूनाइटेड किंगडम और सिंगापुर में विस्तार भी शामिल है। कंपनियों का दावा है कि यह पहल वेलनेस फाइनेंस को भारत में एक नए निवेश वर्ग के रूप में स्थापित करने के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और रोजगार सृजन में भी योगदान देगी।

