टाइम्स ऑफ ताज | अंतरराष्ट्रीय डेस्क
दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में बुधवार को आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने व्यापक तबाही मचा दी। रिक्टर पैमाने पर 7.2 और 7.5 तीव्रता के ये भूकंप कुछ ही सेकंड के अंतराल पर आए, जिससे राजधानी कराकास समेत कई शहरों में इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं और लोगों में दहशत फैल गई।
भूकंप के झटके इतने तेज थे कि हजारों लोग अपने घरों और दफ्तरों से निकलकर खुले स्थानों की ओर भागे। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार कई इमारतें ढह गई हैं, जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। राहत एवं बचाव दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में अभियान चला रहे हैं और मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने चेतावनी दी है कि नुकसान का दायरा काफी बड़ा हो सकता है। एजेंसी के आकलन के अनुसार मृतकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की आशंका है, हालांकि आधिकारिक तौर पर अभी सीमित संख्या में ही हताहतों की पुष्टि की गई है।
वेनेजुएला सरकार ने आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय कर दिया है और प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है, जबकि सेना और स्थानीय प्रशासन भी राहत कार्यों में जुटे हुए हैं।
इसी बीच एशियाई देश जापान भी गुरुवार को 7.0 तीव्रता के भूकंप से हिल गया। जापान के उत्तर-पूर्वी तटीय क्षेत्र में आए इस भूकंप के झटके दूर-दूर तक महसूस किए गए। हालांकि जापानी अधिकारियों ने तत्काल राहत और सुरक्षा उपाय लागू करते हुए स्थिति को नियंत्रण में बताया है। अभी तक वहां किसी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।
विशेषज्ञों का कहना है कि एक ही दिन में दुनिया के दो अलग-अलग हिस्सों में आए शक्तिशाली भूकंप यह संकेत देते हैं कि भूकंपीय गतिविधियां लगातार सक्रिय बनी हुई हैं। ऐसे में प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
विश्व समुदाय की नजर अब वेनेजुएला पर टिकी हुई है, जहां राहत और बचाव कार्यों की सफलता पर हजारों लोगों की जिंदगी निर्भर है। मलबा हटने के साथ ही नुकसान की वास्तविक तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।

