तेहरान/वॉशिंगटन: मध्य-पूर्व से एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आई है। ईरान के इस्लामिक क्रांति के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए संयुक्त हवाई हमलों में मौत की आधिकारिक पुष्टि कर दी गई है। यह पुष्टि ईरान के सरकारी समाचार चैनल Press TV ने की है।
रिपोर्ट के अनुसार राजधानी तेहरान के निकट हुए हमलों में खामेनेई गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिनकी बाद में मृत्यु हो गई। घटना के बाद पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है।
इससे पहले अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया था कि United States और Israel की संयुक्त सैन्य कार्रवाई में ईरान के शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाया गया है। अब ईरानी सरकारी मीडिया द्वारा इसकी पुष्टि के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है।
40 दिन का राष्ट्रीय शोक
ईरान सरकार ने खामेनेई के निधन पर पूरे देश में 40 दिन का सार्वजनिक शोक घोषित किया है। इस दौरान सरकारी भवनों पर झंडे झुके रहेंगे और आधिकारिक कार्यक्रम सीमित रहेंगे। मस्जिदों और सार्वजनिक स्थलों पर विशेष दुआ और शोक सभाएँ आयोजित की जा रही हैं।
क्षेत्रीय और वैश्विक असर
विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना के बाद मध्य-पूर्व में शक्ति संतुलन प्रभावित हो सकता है। ईरान की राजनीतिक और धार्मिक संरचना में सर्वोच्च नेता का पद अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में नए नेतृत्व के चयन और संभावित प्रतिक्रिया को लेकर वैश्विक समुदाय की निगाहें Iran पर टिकी हुई हैं।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने संयम बरतने की अपील की है, जबकि क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
(समाचार डेस्क)

