नई दिल्ली/अंतरराष्ट्रीय डेस्क। दुनिया के कई देशों में Israel के पासपोर्ट धारकों के प्रवेश पर प्रतिबंध या कड़े नियम लागू हैं। वर्तमान में कम से कम 13 देश ऐसे हैं, जहां राजनीतिक और कूटनीतिक कारणों से इजरायली नागरिकों को अपने क्षेत्र में आने की अनुमति नहीं दी जाती है।
इन देशों में Algeria, Bangladesh, Brunei, Iran, Iraq, Kuwait, Lebanon, Libya, Pakistan, Saudi Arabia, Syria, Yemen और Maldives शामिल हैं।
राजनीतिक कारण प्रमुख
इन प्रतिबंधों के पीछे मुख्य कारण इन देशों द्वारा इजरायल को औपचारिक मान्यता न देना और लंबे समय से चला आ रहा Arab–Israeli conflict है। कई देशों ने सख्त आव्रजन नीतियां लागू कर रखी हैं, जिनके तहत इजरायली पासपोर्ट धारकों को वीज़ा जारी नहीं किया जाता या सीधे प्रवेश से इनकार कर दिया जाता है।
अलग-अलग देशों में अलग नियम
कुछ देशों में यह प्रतिबंध पूरी तरह स्पष्ट है, जबकि कुछ में स्थिति जटिल है। उदाहरण के तौर पर Iraq की केंद्र सरकार जहां इजरायली नागरिकों के प्रवेश पर रोक लगाती है, वहीं उसके स्वायत्त कुर्दिस्तान क्षेत्र में सीमित परिस्थितियों में अनुमति दी जाती रही है।
इसी तरह Saudi Arabia में आम तौर पर प्रवेश प्रतिबंधित है, लेकिन विशेष मामलों—जैसे व्यापार या धार्मिक उद्देश्यों—में सीमित छूट दी जाती है।
मालदीव ने औपचारिक किया प्रतिबंध
हाल के घटनाक्रम में Maldives ने 2025 में इजरायली पासपोर्ट धारकों के प्रवेश पर प्रतिबंध को औपचारिक रूप से लागू कर दिया है। यह कदम क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक परिस्थितियों के बीच उठाया गया है।
यात्रा पर व्यापक असर
इन प्रतिबंधों के कारण इजरायली नागरिकों के लिए मध्य पूर्व, दक्षिण एशिया और उत्तरी अफ्रीका के कई हिस्सों की यात्रा करना कठिन हो जाता है। कई मामलों में भले ही सीधा प्रतिबंध न हो, लेकिन वीज़ा न मिलने या सख्त जांच प्रक्रियाओं के कारण यात्रा व्यवहारिक रूप से असंभव हो जाती है।
वैश्विक कूटनीति और बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच इजरायली पासपोर्ट पर लगे ये प्रतिबंध भविष्य में बदल भी सकते हैं, लेकिन फिलहाल कई देशों में ये नियम सख्ती से लागू हैं।

