मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei के एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट से एक पोस्ट सामने आया है, जिसमें खोर्रमशहर-4 (खैबर) मिसाइल का उल्लेख किया गया है। पोस्ट में दावा किया गया कि यह मिसाइल ईरानी युवाओं द्वारा विकसित की गई है और इसे देश की ताकत और पहचान के रूप में पेश किया गया है।

खोर्रमशहर-4 (खैबर) मिसाइल क्या है
खोर्रमशहर-4, जिसे खैबर मिसाइल भी कहा जाता है, ईरान की एक मीडियम रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (MRBM) है।
इसकी प्रमुख विशेषताएँ इस प्रकार बताई जाती हैं:
- लंबाई: लगभग 13 से 13.5 मीटर
- व्यास: 1.5 से 1.8 मीटर
- वजन: करीब 15,000 से 20,000 किलोग्राम
- पेलोड क्षमता: लगभग 1800 किलोग्राम
- वारहेड: 1 टन से अधिक हाई-एक्सप्लोसिव वारहेड लगाने की क्षमता
- ईंधन: लिक्विड फ्यूल
- मारक क्षमता: लगभग 2000 से 3000 किलोमीटर
ईरान का दावा है कि यह मिसाइल 2000 किलोमीटर दूर तक लगभग 30 मीटर की सटीकता से निशाना साध सकती है। इसे सड़क पर चलने वाले मोबाइल लॉन्चर से दागा जा सकता है।
लेबनान-इजराइल मोर्चे पर बढ़ा तनाव
इस बीच Hezbollah ने उत्तरी इजराइल की ओर रॉकेट दागे, जिसके जवाब में Israel ने दक्षिणी लेबनान, बेरूत और पूर्वी बेका घाटी में हवाई हमले किए। इन हमलों में कई लोगों के मारे जाने और बड़े पैमाने पर पलायन की खबरें सामने आई हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही हिजबुल्ला की सैन्य क्षमता पहले की तुलना में कमज़ोर मानी जा रही हो, लेकिन उसकी गतिविधियाँ Lebanon को गंभीर संकट में डाल सकती हैं।
हमास कमांडर मारा गया
इजराइली नौसेना ने लेबनान के त्रिपोली क्षेत्र में एक कार्रवाई के दौरान Hamas से जुड़े कमांडर वसीम अतालाह अली को मार गिराने का दावा किया है।
बताया जा रहा है कि वह लेबनान में हमास के ऑपरेटिव्स को प्रशिक्षण देता था और हमले के समय अपने घर में मौजूद था।
क्षेत्र में व्यापक संघर्ष की आशंका
विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा घटनाक्रम से पूरे मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ सकता है। यह भी आशंका जताई जा रही है कि हिजबुल्ला की प्रतिक्रिया को आधार बनाकर इजराइल लेबनान में बड़े सैन्य अभियान की शुरुआत कर सकता है।

