नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर तंज कसते हुए आरोप लगाया कि वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ मनाने का दावा करने वाले लोग, स्वयं अपने कार्यालयों और शाखाओं में इस गीत का गायन नहीं करते। खड़गे ने कहा कि वंदे मातरम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का लोकप्रिय नारा रहा है, लेकिन आरएसएस इसकी जगह अपना संगठनात्मक गीत “नमस्ते सदा वत्सले” गाना पसंद करता है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस में 1986 से लेकर आज तक, चाहे बैठक ब्लॉक स्तर की हो या पूर्ण अधिवेशन, वंदे मातरम गाया जाता रहा है। इसके विपरीत, आरएसएस ने अपनी स्थापना (1925) के बाद से इस गीत से हमेशा दूरी बनाए रखी। खड़गे ने आरोप लगाया कि आरएसएस के ग्रंथों और साहित्य में वंदे मातरम का कहीं ज़िक्र तक नहीं मिलता।
खड़गे की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में इस गीत की 150वीं वर्षगांठ पर आयोजित समारोह में स्मारक डाक टिकट जारी किया। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पटना में एक वर्ष तक चलने वाले राष्ट्रव्यापी अभियान की घोषणा की।
स्वतंत्रता संग्राम में संघ की भूमिका पर सवाल उठाते हुए खड़गे ने कहा, “यह सर्वविदित तथ्य है कि आरएसएस ने अंग्रेजों का साथ दिया, 52 वर्षों तक राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया, संविधान के मूल्यों का उल्लंघन किया और बापू व बाबा साहेब अंबेडकर के पुतलों को जलाया।” उन्होंने आरोप लगाया कि सरदार पटेल ने भी गांधी जी की हत्या में संघ की संलिप्तता पर संकेत दिए थे।
खड़गे के इस बयान से कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक तकरार और तेज होने की संभावना है।

