मुंबई/बारामती।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता अजीत पवार का बुधवार को एक विमान हादसे में निधन हो गया। उनके असामयिक निधन से न केवल राज्य की राजनीति, बल्कि देशभर के राजनीतिक हलकों में गहरा शोक व्याप्त है।
अजीत पवार वर्तमान में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद पर कार्यरत थे और उनकी पार्टी महायुति सरकार की एक अहम सहयोगी थी। उनके पास 41 विधायकों का समर्थन और पार्टी का आधिकारिक चुनाव चिन्ह ‘घड़ी’ था, जिससे वे राज्य की राजनीति में एक मज़बूत और निर्णायक भूमिका निभा रहे थे।
एक जमीनी नेता, तेज़ प्रशासक
अजीत पवार को एक कर्मठ, अनुशासित और ज़मीनी राजनीति करने वाले नेता के रूप में जाना जाता था। सिंचाई, वित्त और ग्रामीण विकास जैसे अहम विभागों में उनके कार्यकाल को प्रभावशाली माना जाता है। वे दिन की शुरुआत तड़के सुबह से करते और देर रात तक काम करने के लिए प्रसिद्ध थे।
अपने राजनीतिक जीवन में उन्होंने अलग-अलग सरकारों में छह बार उपमुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी निभाई—जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।
प्रधानमंत्री और नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अजीत पवार के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा,
“अजीत पवार जी एक जननेता थे, जिनका जमीनी स्तर पर मजबूत जुड़ाव था। महाराष्ट्र की सेवा में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।”
विपक्ष और सत्तापक्ष के नेताओं ने भी उन्हें एक मेहनती, स्पष्टवादी और निर्णय लेने वाले नेता के रूप में याद किया।
राजनीति में पैदा हुआ बड़ा शून्य
अजीत पवार के निधन से महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है। NCP और महायुति सरकार के सामने अब नेतृत्व और भविष्य की रणनीति को लेकर अहम फैसले लेने की चुनौती खड़ी हो गई है।
शरद पवार परिवार को व्यक्तिगत क्षति
यह पवार परिवार के लिए भी एक गहरा व्यक्तिगत आघात है। 83 वर्षीय शरद पवार के राजनीतिक जीवन में अजीत पवार सबसे मजबूत स्तंभ माने जाते थे।
अजीत पवार का जाना केवल एक नेता का नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति के एक प्रभावशाली अध्याय का अंत है।

