फर्रुखाबाद। भारतीय जनता पार्टी के नेता एवं समाजसेवी विकास राजपूत ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा जारी “उच्च शिक्षा संस्थानों में समता के संवर्धन हेतु विनियम, 2026” को समाज में समानता स्थापित करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल बताया है।
विकास राजपूत ने कहा कि इन विनियमों का मूल उद्देश्य शैक्षणिक संस्थानों में समान अधिकार, समान अवसर और भेदभाव-मुक्त वातावरण सुनिश्चित करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा परिसरों में सौहार्द और सामाजिक समरसता बनी रहनी चाहिए, ताकि कोई भी वर्ग स्वयं को उपेक्षित महसूस न करे।
हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि विनियमों की कुछ धाराओं और शब्दों को लेकर विद्यार्थियों, अभिभावकों और समाज के विभिन्न वर्गों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई है। ऐसे में UGC को चाहिए कि वह सभी संबंधित पक्षों से संवाद स्थापित कर स्पष्टता और संतुलन के साथ स्थिति को शीघ्र स्पष्ट करे, जिससे किसी भी प्रकार की विभाजनकारी सोच को बढ़ावा न मिले।
भाजपा नेता ने कहा कि यह विषय वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए UGC को जल्द से जल्द अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए न्यायालय में हलफनामा दाखिल करना चाहिए, ताकि स्थिति को लेकर फैली आशंकाओं का समाधान हो सके।
जनता में व्याप्त रोष पर चिंता व्यक्त करते हुए विकास राजपूत ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लिया गया यह निर्णय सभी वर्गों के विद्यार्थियों के हित में है और इससे समाज में मौजूद असमानताओं को दूर करने में मदद मिलेगी। उन्होंने UGC नियमों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे सामाजिक संगठनों से धैर्य और संयम बनाए रखने की अपील की।
उन्होंने कहा कि जनता को अपनी चुनी हुई सरकार पर भरोसा रखना चाहिए। भारतीय जनता पार्टी ने हमेशा जनहित में निर्णय लिए हैं और भविष्य में भी सरकार जनता को निराश नहीं करेगी। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष से जुड़े कुछ तत्व जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं, जिसकी सच्चाई जल्द ही सामने आ जाएगी।
अंत में विकास राजपूत ने सभी सामाजिक संगठनों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि सरकार की मंशा स्पष्ट है और किसी भी वर्ग के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा

