नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को लोकसभा में एक अहम फैसला लेते हुए निलंबित 8 सांसदों का सस्पेंशन वापस ले लिया गया। इनमें 7 सांसद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और 1 सांसद वाम दल से शामिल है।
ये सभी सांसद 4 फरवरी को पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित किए गए थे, जब सदन में जोरदार हंगामा हुआ था। आरोप था कि सांसदों ने विरोध के दौरान पीठासीन अधिकारी कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी की कुर्सी की ओर कागज फेंके।
🔥 क्या था पूरा मामला?
यह विवाद उस समय हुआ था जब राहुल गांधी सदन में पूर्वी लद्दाख में 2020 के भारत-चीन सीमा तनाव का मुद्दा उठा रहे थे। इसी दौरान विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई और स्थिति हंगामे में बदल गई।
🗳️ कैसे हटा सस्पेंशन?
- कांग्रेस सांसद के. सुरेश समेत तीन सांसदों ने सस्पेंशन खत्म करने का प्रस्ताव रखा
- प्रस्ताव को ध्वनि मत (Voice Vote) से पास कर दिया गया
- धर्मेंद्र यादव (सपा) ने प्रस्ताव का समर्थन किया
धर्मेंद्र यादव ने कहा कि सदन की मर्यादा बनाए रखने की जिम्मेदारी सत्ता पक्ष की भी है और खासतौर पर निशिकांत दुबे को इसका ध्यान रखना चाहिए। इस टिप्पणी के बाद सदन में एक बार फिर शोर-शराबा देखने को मिला।
📜 अन्य अहम अपडेट
इस बीच केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल “जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक, 2025” को वापस लेने की अनुमति के लिए प्रस्ताव पेश करेंगे। इस विधेयक को कुछ कानूनों में संशोधन के उद्देश्य से वापस लिया जा रहा है।
👉 Times of Taj Insight:
सांसदों का सस्पेंशन हटने से जहां विपक्ष को राहत मिली है, वहीं सदन में सियासी टकराव के संकेत अभी भी जारी हैं। आने वाले दिनों में संसद का माहौल और गरम होने की संभावना है।

