वॉशिंगटन/न्यूयॉर्क, : संयुक्त राज्य अमेरिका में शनिवार को नो किंग्स रैली के तहत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के खिलाफ अभूतपूर्व विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, देश के सभी 50 राज्यों में 3,300 से अधिक स्थानों पर आयोजित इन प्रदर्शनों में लगभग 80 लाख लोगों ने हिस्सा लिया।
आयोजकों का दावा है कि अक्टूबर 2025 में हुए पिछले ‘नो किंग्स’ प्रदर्शनों की तुलना में इस बार करीब 10 लाख अधिक लोग सड़कों पर उतरे, जबकि लगभग 600 अतिरिक्त कार्यक्रम आयोजित किए गए।
प्रदर्शनकारियों ने ट्रम्प प्रशासन की कई नीतियों के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। खासतौर पर ईरान के साथ बढ़ते तनाव, सख्त इमिग्रेशन नीति और बढ़ती महंगाई को लेकर लोगों में गुस्सा देखने को मिला। कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने ट्रम्प और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के खिलाफ पोस्टर लहराए और उन्हें पद से हटाने की मांग की।
बताया जा रहा है कि ट्रम्प के खिलाफ अब तक राष्ट्रीय स्तर पर तीन बार ‘नो किंग्स’ प्रदर्शन आयोजित हो चुके हैं। पहला बड़ा प्रदर्शन जून 2025 में, दूसरा अक्टूबर 2025 में और तीसरा 28 मार्च 2026 को आयोजित किया गया।
वहीं व्हाइट हाउस ने इन प्रदर्शनों को “थेरेपी सेशन” करार देते हुए कहा कि आम जनता पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ेगा। दूसरी ओर, राष्ट्रपति ट्रम्प ने अपने फैसलों का बचाव करते हुए कहा कि वे देश को मजबूत बनाने के लिए काम कर रहे हैं और वे “राजा” नहीं हैं, बल्कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं।
अमेरिका के अलावा दुनिया के कई अन्य हिस्सों में भी ट्रम्प विरोधी प्रदर्शन देखने को मिले। पेरिस, लंदन और लिस्बन जैसे शहरों में भी लोगों ने सड़कों पर उतरकर ट्रम्प के खिलाफ प्रदर्शन किया और उन्हें पद से हटाने की मांग की।

