वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने आखिरकार जनता दल यूनाइटेड से अपना दशकों पुराना रिश्ता तोड़ दिया। लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए उन्होंने अपने पुत्र अम्बरीष त्यागी के साथ राष्ट्रीय लोक दल की सदस्यता ग्रहण कर ली।
दिल्ली में आयोजित एक औपचारिक कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री एवं रालोद प्रमुख जयंत चौधरी ने दोनों का पार्टी में स्वागत किया। इस मौके पर रालोद नेतृत्व ने इसे संगठन के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम बताया।
रालोद में शामिल होते ही केसी त्यागी ने अपने पुराने राजनीतिक संबंधों को याद करते हुए कहा,
“मेरा राजनीतिक सफर लोक दल से ही शुरू हुआ था। आज मैं उसी विचारधारा के घर वापस लौटा हूं। यह कोई नया मंच नहीं, बल्कि उसी विरासत का विस्तार है… हम चौधरी चरण सिंह के अधूरे सपनों को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू और रालोद की सोच में ज्यादा अंतर नहीं है और एक दौर ऐसा भी था जब दोनों धाराओं को साथ लाने की कोशिशें हुई थीं।
त्यागी का यह कदम पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में रालोद को नई ताकत दे सकता है। खासकर जाट और किसान राजनीति के समीकरणों में यह बदलाव आगामी चुनावों में असर डाल सकता है।

