लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। बहुजन समाज पार्टी सरकार में शिक्षा मंत्री रह चुके और राष्ट्रीय लोक दल के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मसूद अहमद ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देकर सोमवार को आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) का दामन थाम लिया।
लखनऊ में आयोजित सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने उनका स्वागत करते हुए कहा कि डॉ. मसूद अहमद के पार्टी में आने से बहुजन आंदोलन को नई दिशा और मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि डॉ. मसूद, कांशीराम के पुराने सहयोगी रहे हैं और उनके अनुभव का लाभ पार्टी को मिलेगा।
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि आज दलित, पिछड़े, आदिवासी, अल्पसंख्यक, किसान, मजदूर और महिलाओं की साझी लड़ाई को मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि नफरत की राजनीति का जवाब संविधान, सामाजिक न्याय और भाईचारे की राजनीति से दिया जाएगा।
उन्होंने घोषणा की कि आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पूरे दमखम के साथ मैदान में उतरेगी। साथ ही पुलिस कर्मियों के लिए आठ घंटे की ड्यूटी, मुख्य आरक्षियों की गृह जनपद में तैनाती, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, शिक्षा और रोजगार जैसे जनहित के मुद्दों को पार्टी की प्राथमिकता बताया।
इस अवसर पर पार्टी के राष्ट्रीय सचिव पटेल रामेश्वर पवन, प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व एमएलसी सुनील चित्तौड़, राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य मोहम्मद आकिब, प्रदेश महासचिव यशवंत मौर्य, सतपाल चौधरी सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।
अंबेडकरनगर निवासी डॉ. मसूद अहमद वर्ष 1993 में टांडा विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे और बाद में बसपा सरकार में शिक्षा मंत्री बने। इसके बाद उन्होंने पूर्व विधायक अरशद खान के साथ नेशनल लोकतांत्रिक पार्टी की स्थापना की, वर्ष 2016 में राष्ट्रीय लोक दल के प्रदेश अध्यक्ष बने और वर्ष 2022 में कांग्रेस में शामिल हुए थे। अब उन्होंने आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की सदस्यता ग्रहण कर नई राजनीतिक पारी की शुरुआत की।

