लेखक : तबस्सुम अब्बास
(शिक्षिका एवं सामाजिक चिंतक)
आज का युग तकनीक का युग है। मोबाइल फोन ने हमारी ज़िंदगी को जितना आसान बनाया है, उतना ही जटिल भी। खासकर बच्चों के जीवन में मोबाइल की बढ़ती लत एक गंभीर सामाजिक समस्या बन चुकी है, जो उनके वर्तमान ही नहीं बल्कि भविष्य को भी धीरे-धीरे खोखला कर रही है।
बचपन सीखने, खेलने, कल्पना करने और सामाजिक मूल्यों को आत्मसात करने का समय होता है। लेकिन अफ़सोस कि आज का बच्चा मैदान में खेलने के बजाय मोबाइल स्क्रीन पर उंगलियाँ चला रहा है। कार्टून, वीडियो गेम, रील्स और सोशल मीडिया ने बच्चों को आभासी दुनिया में कैद कर दिया है। इसका सीधा असर उनकी पढ़ाई, मानसिक स्वास्थ्य और व्यक्तित्व विकास पर पड़ रहा है।
मोबाइल की अधिकता से बच्चों में एकाग्रता की कमी साफ़ दिखाई देती है। वे किताबों से जल्दी ऊब जाते हैं, पढ़ाई में मन नहीं लगता और स्मरण शक्ति भी कमज़ोर होती जा रही है। लगातार स्क्रीन देखने से आँखों की रोशनी पर बुरा असर, सिरदर्द, नींद न आना और चिड़चिड़ापन आम समस्याएँ बन गई हैं।
मानसिक रूप से भी मोबाइल बच्चों को असंतुलित कर रहा है। आभासी दुनिया की चकाचौंध उन्हें वास्तविक जीवन की चुनौतियों से दूर कर रही है। वे रिश्तों की अहमियत, संवाद की कला और भावनात्मक समझ से वंचित होते जा रहे हैं। परिणामस्वरूप आत्मकेंद्रित व्यवहार, गुस्सा, अकेलापन और अवसाद जैसी समस्याएँ जन्म ले रही हैं।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि मोबाइल की लत बच्चों की रचनात्मकता और सोचने-समझने की क्षमता को सीमित कर रही है। जहाँ पहले बच्चे कहानियाँ गढ़ते थे, चित्र बनाते थे, सवाल पूछते थे—आज वहाँ रेडीमेड कंटेंट उनकी सोच को नियंत्रित कर रहा है।
इस समस्या का समाधान केवल बच्चों को दोष देने में नहीं, बल्कि अभिभावकों और समाज की सामूहिक ज़िम्मेदारी में है। माता-पिता को चाहिए कि वे बच्चों के लिए समय निकालें, उन्हें खेल, किताबों और संवाद की ओर प्रेरित करें। स्कूलों में डिजिटल अनुशासन के साथ-साथ नैतिक शिक्षा और जीवन कौशल पर ज़ोर दिया जाना चाहिए।
मोबाइल पूरी तरह बुरा नहीं है, लेकिन उसका संतुलित और सीमित उपयोग ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कुंजी है। यदि आज हमने इस पर ध्यान नहीं दिया, तो आने वाली पीढ़ी तकनीक से जुड़ी तो होगी, लेकिन संवेदनाओं, संस्कारों और सामाजिक चेतना से कट चुकी होगी।
आज आवश्यकता है सचेत होने की—क्योंकि बच्चों का भविष्य हमारी जागरूकता पर निर्भर करता है।

