आगरा। शहर के छीपी टोला स्थित Dargah Hazrat Syedna Auliya Baba में गुरुवार को Imam Hasan ibn Ali की यौमे-पैदाइश के मौके पर रोज़ा इफ्तार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत की और मुल्क में अमन, भाईचारे और खुशहाली के लिए दुआएं मांगी गईं।
दरगाह के सज्जादा नशीन मियां मोहम्मद हुसैन रशीदी ने इफ्तार के बाद तकरीर करते हुए कहा कि Prophet Muhammad की साहबज़ादी Fatimah bint Muhammad के बड़े बेटे हज़रत इमाम हसन अलैहिस्सलाम इस्लामी इतिहास की महान हस्तियों में से एक हैं। उन्होंने कहा कि हदीस में आता है कि “हसन और हुसैन जन्नत के नौजवानों के सरदार हैं।”
उन्होंने कहा कि Ramadan का दूसरा अशरा मग़फ़िरत का अशरा होता है। इस दौरान अल्लाह तआला से अपने गुनाहों की माफी मांगनी चाहिए और जो लोग इस दुनिया से जा चुके हैं उनके लिए भी दुआ करनी चाहिए। साथ ही जरूरतमंदों की मदद करना हर इंसान का फर्ज़ है।
मियां मोहम्मद हुसैन रशीदी ने कहा कि अगर अल्लाह ने किसी को ज्यादा दिया है तो उसे गरीब और परेशानहाल लोगों की मदद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर हम आज ज़मीन वालों पर रहम करेंगे तो अल्लाह तआला भी हम पर रहम करेगा।
इफ्तार कार्यक्रम में मोहम्मद उबेर हुसैन, मोहम्मद हस्सान, मोहम्मद इस्माइल, सूफी इक़बाल, मोहम्मद उस्मान, भुल्ले शाह, मोहम्मद मुन्ना, हाजी नवाब साहब, शकील, राहत कादरी, मोहम्मद इकराम, नईम, सुहेल, सुनील, वरुण, महेश, अशफाक, शाहिद, इरशाद, समीर, इब्राहिम, सलीम सूफी, नसीर, अंसार, सूफी लाला, मोहम्मद सादिक, सलीम सैफी, मुन्नू उस्मानी, महेश प्रजापति, नन्हे उस्मानी, मोहम्मद अशफाक, नईम और मोहम्मद आरिफ समेत बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में देश में अमन, भाईचारा और तरक्की के लिए खास दुआ की गई।

