सोलापुर (महाराष्ट्र): ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने महाराष्ट्र के सोलापुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि “एक दिन हिजाब पहनने वाली महिला भारत की प्रधानमंत्री बनेगी।”
अपने संबोधन में ओवैसी ने कहा कि भारतीय संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार और अवसर प्रदान करता है, चाहे उनका धर्म, पहनावा या पृष्ठभूमि कुछ भी हो। उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार का पहनावा नेतृत्व क्षमता या संवैधानिक पद तक पहुंच में बाधा नहीं बन सकता।
ओवैसी का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब देश में महिला अधिकारों, धार्मिक पहचान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर लगातार बहस चल रही है। उन्होंने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था की असली ताकत उसकी विविधता और समावेशी सोच में निहित है।
ओवैसी के इस बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। समर्थकों ने इसे महिला सशक्तिकरण और समावेशिता का संदेश बताया, जबकि आलोचकों ने इसे राजनीतिक बयान करार दिया।

