पटना: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सुरक्षा तैयारियों को पुख्ता करने के लिए राज्य में 500 से अधिक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की कंपनियों को तैनात करने का निर्णय लिया गया है। इसका उद्देश्य चुनावों के दौरान बूथ कैप्चरिंग और चुनावी हिंसा जैसी घटनाओं को रोककर शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करना है।
सूत्रों के अनुसार, इस तैनाती में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 121 कंपनियां, सीमा सुरक्षा बल (BSF) की लगभग 400 कंपनियां, साथ ही भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) और सशस्त्र सीमा बल (SSB) की टुकड़ियाँ भी शामिल हैं।
बीएसएफ की 99 कंपनियां पहले ही बिहार पहुंच चुकी हैं, जबकि अन्य सीएपीएफ टुकड़ियों की आवाजाही जारी है। गृह मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियों के आकलन के आधार पर, चुनाव के समय तैनाती की कुल संख्या लगभग 1,600 कंपनियों तक बढ़ सकती है।
बिहार विधानसभा में 243 सीटें हैं, जिनका कार्यकाल 22 नवंबर को समाप्त हो रहा है। वर्तमान में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के पास 131 सीटें हैं, जिनमें भाजपा (80), जेडीयू (45), एचएएम(एस) (4) और 2 निर्दलीय शामिल हैं। वहीं, महागठबंधन के पास 111 सीटें हैं, जिसमें राजद (77), कांग्रेस (19), CPI(ML) (11), CPI(M) (2) और CPI (2) शामिल हैं।
इस कदम को बिहार में चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता बढ़ाने और मतदाता सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अहम माना जा रहा है।

