संवाद-विनोद मिश्रा
बांदा। आवास विकास नें गजब कारनामा कर दिया है। आकाशीय भूखंड़ों को अधिग्रहीत करने की ठान ली है। इसका ग्रामीणों नें विरोध कर जांच की मांग की है।

सदर तहसील में शहर से लगे मवई बुजुर्ग गांव के निवासियों ने आवास विकास परिषद की अधिग्रहण योजना से अपनी जमीन को मुक्त कराने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है।
ज्ञापन में बताया गया है कि ग्रामीण मवई बुजुर्ग गांव की चिन्हित गाटा संख्याओं पर अपने रिहायशी मकान बनाकर परिवार सहित रह रहे हैं। इन भूखंडों पर पेट्रोल पंप, पौधशाला, होटल, ऑटो रिपेयर सेंटर, गोदाम और अन्य आवासीय संरचनाएं भी मौजूद हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनके पास इन आवासों या आवासीय भूमि के अलावा कोई अन्य रिहायशी मकान या भूखंड नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया है कि विभागीय कर्मियों और आवास विकास परिषद के अधिकारियों ने इन तथ्यों को छिपाकर शासन के समक्ष गलत रिपोर्ट प्रस्तुत की। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि वे इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए स्थलीय जांच कराएं और उनकी भूमि को अधिग्रहण योजना से मुक्त करें।

