रीवा के मोहनलाल द्विवेदी मेडिकल साइंस के लिए बने रहस्य
रीवा (मध्य प्रदेश)। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के रहने वाले रिटायर्ड ज्वाइंट कलेक्टर मोहनलाल द्विवेदी इन दिनों मेडिकल साइंस के लिए एक बड़ी चुनौती और रहस्य बने हुए हैं। मोहनलाल द्विवेदी का दावा है कि वे पिछले करीब 50 वर्षों से सोए ही नहीं हैं, इसके बावजूद वे पूरी तरह स्वस्थ जीवन जी रहे हैं।
मोहनलाल द्विवेदी के अनुसार उन्हें किसी भी प्रकार की गंभीर बीमारी नहीं है। उनका यह भी दावा है कि उनका शरीर अब “पत्थर जैसा” हो चुका है और चोट लगने पर भी दर्द का एहसास नहीं होता। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बिना नींद के भी उनकी दिनचर्या पूरी तरह सामान्य है और वे आम लोगों की तरह दैनिक कार्य करते हैं।
उनका कहना है कि कई वर्षों से उन्होंने एक पल के लिए भी नींद नहीं ली, लेकिन न तो उनकी कार्यक्षमता पर कोई असर पड़ा और न ही स्वास्थ्य पर। वे मानसिक और शारीरिक रूप से स्वयं को पूरी तरह फिट बताते हैं।
मोहनलाल द्विवेदी के ये दावे मेडिकल साइंस के स्थापित सिद्धांतों को चुनौती देते हैं, क्योंकि चिकित्सा विज्ञान के अनुसार नींद मानव शरीर के लिए अनिवार्य मानी जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसा मामला यदि वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित होता है, तो यह नींद और मानव शरीर की कार्यप्रणाली को लेकर नई बहस और शोध का विषय बन सकता है।
फिलहाल यह मामला चिकित्सकीय शोध और वैज्ञानिक जांच का विषय बना हुआ है और विशेषज्ञ इस तरह के दावों को सावधानी से परखने की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं।

