अलीगढ़। ऑल इंडिया उलेमा बोर्ड के उपाध्यक्ष मुफ़्ती ताहिर हुसैन मज़ाहिरी ने अपने एक बयान में कहा कि मानव सेवा (ख़िदमत-ए-ख़ल्क़) और जनकल्याण के कार्य प्रत्येक व्यक्ति की धार्मिक, नैतिक और मानवीय ज़िम्मेदारी हैं। यदि ये सेवाएँ किसी संगठित संस्था या विश्वसनीय संगठन के माध्यम से की जाएँ, तो उनका प्रभाव और उपयोगिता कई गुना बढ़ जाती है तथा समाज के अधिक से अधिक लोग उससे लाभान्वित होते हैं।
उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया उलेमा बोर्ड पिछले 25 वर्षों से समाज की धार्मिक, शैक्षिक, सामाजिक और जनकल्याणकारी सेवाओं में निरंतर सक्रिय है। इसी सफल सफ़र के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में बोर्ड की सिल्वर जुबली का भव्य समारोह इंशाअल्लाह पूरे सम्मान और गरिमा के साथ आयोजित किया जाएगा।
मुफ़्ती ताहिर हुसैन मज़ाहिरी ने बताया कि ऑल इंडिया उलेमा बोर्ड की सिल्वर जुबली का दो दिवसीय राष्ट्रीय आयोजन उत्तर प्रदेश के शिक्षा नगरी अलीगढ़ में आयोजित होगा। इस भव्य कार्यक्रम की तिथि की आधिकारिक घोषणा शीघ्र ही की जाएगी।
उन्होंने आगे बताया कि यह निर्णय बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना नौशाद अहमद सिद्दीकी तथा महासचिव अल्लामा बिनाई हसनी से विचार-विमर्श के बाद लिया गया है। इस दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर के प्रतिष्ठित उलेमा, बुद्धिजीवी, इमाम, सामाजिक कार्यकर्ता तथा विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी प्रमुख हस्तियों के शामिल होने की संभावना है।
उन्होंने समाज के सभी भामाशाहों, उलेमा-ए-किराम और आम जनता से अपील की कि वे मानव सेवा की भावना को बढ़ावा दें, जनकल्याणकारी गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लें तथा ऑल इंडिया उलेमा बोर्ड की सिल्वर जुबली को सफल बनाने में अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करें।

