भारतीय सिनेमा की आइकॉनिक फिल्मों में शुमार और बॉक्स ऑफिस की परिभाषा बदलने वाली सुपरहिट फिल्म ‘शोले’ को अब 50 साल पूरे हो चुके हैं। इस ऐतिहासिक मौके पर 1975 में बनी यह कालजयी फिल्म एक बार फिर बड़े पर्दे पर भव्य वापसी कर रही है। इस बार फिल्म ‘Sholay – The Final Cut’ के नाम से री-रिलीज की गई है, जिसमें दर्शकों को वह सब कुछ देखने को मिलेगा, जो अब तक परदे पर नहीं आ पाया था।
इस बार बदली-बदली है ‘शोले’
‘शोले’ की यह री-रिलीज सिर्फ नॉस्टैल्जिया नहीं, बल्कि एक नया सिनेमाई अनुभव है। फिल्म को पहली बार 4K क्वालिटी में रिस्टोर किया गया है। गौरतलब है कि 50 साल पहले भी यह फिल्म कुछ सिनेमाघरों में 70mm (2.2:1 रेशियो) में रिलीज हुई थी।
फिल्म हेरिटेज फाउंडेशन के पास सुरक्षित रखे गए ओरिजिनल नेगेटिव्स पर करीब ढाई साल तक गहन तकनीकी काम किया गया, जिसके बाद अब फिल्म को Dolby 5.1 साउंड के साथ रिलीज किया गया है, जो पहले के मैग्नेटिक ट्रैक से कहीं बेहतर है।
अब दिखेगा सलीम-जावेद का लिखा असली क्लाइमेक्स
री-रिलीज की सबसे बड़ी खासियत है फिल्म का ओरिजिनल क्लाइमेक्स। आपातकाल के दौर में रिलीज हुई ‘शोले’ में सेंसर बोर्ड के दबाव में निर्देशक रमेश सिप्पी को एंडिंग बदलनी पड़ी थी।
असल क्लाइमेक्स में ठाकुर (संजीव कुमार) अपने कील लगे जूतों से गब्बर सिंह (अमजद खान) को मार देता है, लेकिन सेंसर बोर्ड ने इसे अत्यधिक हिंसक बताते हुए हटवा दिया था और पुलिस द्वारा गब्बर की गिरफ्तारी वाला सीन जोड़ा गया था।
इतना ही नहीं, इमाम साहब के बेटे अहमद की हत्या और गब्बर की मौत से जुड़े कई दृश्य भी तब काट दिए गए थे। अब 50 साल बाद वही अनकट और ओरिजिनल दृश्य पहली बार दर्शकों के सामने हैं।
फिर से मिला ‘U’ सर्टिफिकेट
नए दृश्यों के जुड़ने के कारण फिल्म को दोबारा सेंसर सर्टिफिकेशन से गुजरना पड़ा। पिछले महीने सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन ने बिना किसी कट के फिल्म को ‘U’ सर्टिफिकेट प्रदान किया।
अब फिल्म की अवधि बढ़कर 209.05 मिनट (3 घंटे 29 मिनट 5 सेकंड) हो गई है, जबकि 1975 में इसकी लंबाई लगभग 190 मिनट थी।
संवादों में भी किया गया बदलाव
एक दृश्य में, जब वीरू बसंती को रिवॉल्वर चलाना सिखाता है, वहां जय के संवाद में ‘जेम्स बॉन्ड’ का संदर्भ बदलकर ‘तात्या टोपे’ कर दिया गया है, जो फिल्म को भारतीय संदर्भों के और करीब लाता है।
भावनाओं से भरी वापसी
इस री-रिलीज को और खास बनाने की योजना थी कि मुंबई में ग्रैंड प्रीमियर के दौरान जय और वीरू यानी अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र एक साथ मौजूद रहें। बिग बी ने सहमति भी दे दी थी और धर्मेंद्र से भी बातचीत हो चुकी थी, लेकिन परिस्थितियों के चलते यह आयोजन रद्द करना पड़ा।
फिल्म की शुरुआत में धर्मेंद्र को श्रद्धासुमन अर्पित कर भावुक अंदाज़ में फिल्म का आगाज़ किया गया।
क्यों देखें ‘शोले’ फिर से?
अगर आपने ‘शोले’ पहले कई बार देखी है, तब भी यह वर्जन आपके लिए पूरी तरह नया अनुभव होगा—
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4K पिक्चर क्वालिटी
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Dolby 5.1 साउंड
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ओरिजिनल क्लाइमेक्स
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लगभग 20 मिनट का अतिरिक्त फुटेज
और अगर आपने कभी इसे 70mm की बिग स्क्रीन पर नहीं देखा, तो यह मौका किसी भी हाल में मिस नहीं करना चाहिए।

