गाजियाबाद के मोदीनगर थाना क्षेत्र के गांव बुदाना में संपत्ति विवाद ने एक परिवार को तबाह कर दिया। करीब 150 करोड़ रुपये की संपत्ति अपने नाम कराने की जिद में बेटे ने अपने ही पिता की गोली मारकर हत्या कर दी। आरोपी ने कथित तौर पर पिता पर सात राउंड फायरिंग की, जिनमें से चार गोलियां लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
मृतक की पहचान हरिओम नेहरा के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, बुधवार रात करीब 10 बजे आरोपी बेटा निखिल नेहरा नशे की हालत में घर पहुंचा। गेट पर मौजूद पिता ने जब उसे टोका तो दोनों के बीच संपत्ति को लेकर विवाद शुरू हो गया। शोर सुनकर हरिओम की पत्नी मीनाक्षी और छोटे बेटे नीशू नेहरा ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन गुस्से में निखिल ने पिस्टल निकालकर ताबड़तोड़ सात गोलियां चला दीं।
हरिओम को सिर, सीने और गले में चार गोलियां लगीं। परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।
पुलिस ने मृतक की पत्नी मीनाक्षी की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश में कई टीमें लगाई गई हैं।
पहले भी कर चुका था जानलेवा हमला
पुलिस जांच में सामने आया है कि वर्ष 2018 में भी निखिल ने अपने छोटे भाई नीशू नेहरा को गोली मार दी थी। गोली उसके पेट में लगी थी, हालांकि समय रहते इलाज मिलने से उसकी जान बच गई थी। उस समय परिवार की ओर से कोई मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया था।
संपत्ति को लेकर लंबे समय से था विवाद
जानकारी के अनुसार, हरिओम नेहरा के पास पैतृक संपत्ति के रूप में करीब 75 बीघा जमीन, छह दुकानें और एक कॉम्प्लेक्स के पीछे की जमीन थी। विवाद से बचने के लिए उन्होंने मौखिक रूप से संपत्ति का बंटवारा कर रखा था। निखिल को 25 बीघा जमीन और दो दुकानें दी गई थीं, जबकि शेष संपत्ति छोटे बेटे और अपने पास रखी थी।
बताया जा रहा है कि हरिओम ने संपत्ति का बैनामा नहीं किया था, क्योंकि उन्हें आशंका थी कि निखिल संपत्ति बेच देगा। इसी बात को लेकर दोनों के बीच लगातार विवाद होता रहता था।
इसके अलावा, हरिओम ने हाल ही में बुदाना रोड पर पांच बीघा जमीन खरीदी थी, जहां वह बैंक्वेट हॉल बनाना चाहते थे, जबकि निखिल वहां कॉलोनी विकसित कराने के पक्ष में था। इसे लेकर भी परिवार में लंबे समय से तनाव बना हुआ था।
पुलिस मामले की जांच कर रही है और फरार आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

