आजमगढ़/लखनऊ। समाजवादी पार्टी के सबसे वरिष्ठ विधायक और आजमगढ़ की निजामाबाद विधानसभा सीट से पांच बार विधायक रहे आलमबदी आजमी का बुधवार देर रात 90 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह पिछले चार महीनों से अस्वस्थ थे और लखनऊ के मेदांता अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। उनके निधन से समाजवादी पार्टी सहित पूरे प्रदेश की राजनीति में शोक की लहर है।
आलमबदी आजमी का पार्थिव शरीर आजमगढ़ स्थित उनके आवास लाया गया, जहां अंतिम दर्शन के बाद गुरुवार दोपहर 3 बजे उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
आलमबदी आजमी अपनी सादगी, ईमानदारी और गांधीवादी विचारधारा के लिए जाने जाते थे। वह समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के करीबी सहयोगी रहे और पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव का भी उन पर विशेष विश्वास था। उन्होंने 1996 से लेकर कई कार्यकालों में निजामाबाद विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया और पांच बार विधायक चुने गए।
करीब पांच महीने पहले आलमबदी आजमी स्कूटी से उत्तर प्रदेश विधानसभा पहुंचे थे। उनकी सादगी की तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थी और आम जनता ने उनके सरल जीवन की सराहना की थी।
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे प्रदेश की राजनीति और समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया।

