संवाद।। नुरुल इस्लाम
हैदराबाद। मुल्क के सरकरदा मुस्लिम दानिशवर और भारत सेवा ट्रस्ट के सरपरस्त-ए-आला जनाब अहमद रशीद शेरवानी साहिब आज हैदराबाद में लंबी बीमारी के बाद अपने मालिक-ए-हक़ीक़ी से जा मिले। उनके इंतकाल की खबर से तालीमी और समाजी हलकों में गहरा शोक व्याप्त है।
मरहूम शेरवानी साहिब ने अपनी पूरी ज़िंदगी क़ौम-ओ-मिल्लत में इल्म की रौशनी फैलाने के लिए वक्फ कर दी। वे देश के मुख्तलिफ़ अकलियती तालीमी इदारों की सरपरस्ती और हौसला-अफ़ज़ाई करते रहे। हर साल इम्तिहानों में नुमाया कामयाबी हासिल करने वाले तलबा-ओ-तालिबात और असातिज़ा-ए-इकराम को इनाम-ओ-इकराम से नवाजना उनकी खास पहचान रही।
वे इस इदारे की मजलिस-ए-इंतजामिया के लाइफ मेंबर और साबिक सरपरस्त मरहूम जनाब मोहम्मद अहमद शेरवानी साहिब के करीबी रफ़ीक के तौर पर भी अपनी खिदमात अंजाम देते रहे। तालीम के फ़रोग़ और नौजवानों की रहनुमाई में उनकी कोशिशें हमेशा याद रखी जाएंगी।
इदारे की मजलिस-ए-इंतजामिया, प्रिंसिपल, टीचर्स और तलबा-ओ-तालिबात ने मरहूम के इंतकाल-ए-पुरमलाल पर गहरे रंज-ओ-ग़म का इज़हार किया है। सभी ने मालिक-ए-हक़ीक़ी से मरहूम की मग़फिरत और अहले-खाना को सब्र-ए-जमील अता फरमाने की दुआ की।
आमीन या रब्बुल आलमीन।

