नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम। देश के दक्षिणी राज्य केरल का नाम आधिकारिक तौर पर बदलकर ‘केरलम’ करने की प्रक्रिया ने बड़ा कदम पार कर लिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को हुई बैठक में राज्य का नाम बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
गौरतलब है कि 24 जून 2024 को केरल विधानसभा ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से राज्य का नाम ‘केरलम’ करने का आग्रह किया था। इससे पहले अगस्त 2023 में भी इसी आशय का प्रस्ताव पारित कर केंद्र को भेजा गया था, लेकिन केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कुछ तकनीकी बदलाव सुझाए थे।
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी कि कैबिनेट की मंजूरी के पश्चात “केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026” को संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत राष्ट्रपति की संस्तुति के लिए आगे बढ़ाया जाएगा। राष्ट्रपति इसे अपने विचार व्यक्त करने हेतु राज्य विधानसभा को भेजेंगे।
यह अहम बैठक नए प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) भवन ‘सेवा तीर्थ’ में आयोजित की गई, जहां मंत्रिमंडल की पहली बैठक में इस प्रस्ताव पर सहमति बनी।
मुख्यमंत्री पिनराई विजयन लंबे समय से चाहते थे कि संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल सभी भाषाओं में राज्य का नाम ‘केरल’ के स्थान पर ‘केरलम’ किया जाए, ताकि स्थानीय भाषा और सांस्कृतिक पहचान को अधिक सम्मान मिल सके।
अब आगे की संवैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य का आधिकारिक नाम ‘केरलम’ हो जाएगा। इस फैसले को राज्य की सांस्कृतिक अस्मिता से जोड़कर देखा जा रहा है।

