आगरा: सिकंदरा स्थित मस्जिद नहर वाली के खतीब मुहम्मद इक़बाल ने आज शुक्रवार को मस्जिद में व्याख्यान देते हुए कहा कि हाल ही में आयोजित एक कार्यक्रम में “खुदा मौजूद है” पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि दो घंटे चले इस कार्यक्रम में यह स्पष्ट हो गया कि यह बहस अल्लाह, ईश्वर, गॉड, परमात्मा में विश्वास रखने वालों और न रखने वालों के बीच थी।
मुहम्मद इक़बाल ने कहा कि दुर्भाग्य से कुछ लोग इसे हिंदू-मुस्लिम बहस की तरह पेश कर रहे हैं। यह बहस बहुत पुरानी है, लेकिन इस बार इसे एक अलग रूप मिला क्योंकि प्रतिनिधित्व करने वाला युवक छात्र था, जिसका पहनावा दाढ़ी, टोपी, कुर्ता और मदरसा से संबंधित था।
उन्होंने कहा कि दुनिया ने देखा कि कैसे इस मदरसे के छात्र ने हाजिर-जवाबी के जरिए सभी को चौंका दिया। पहले अधिकांश लोगों का मानना था कि मदरसे के छात्र पुराने विचार रखते हैं और डिजिटल युग से अनजान हैं। लेकिन इस कार्यक्रम ने यह धारणा पूरी तरह बदल दी। इस युवा ने विभिन्न धार्मिक मतों वाले लोगों की प्रतिनिधित्व उत्कृष्ट और प्रभावशाली तर्कशक्ति के साथ की, जो सराहनीय है।
मुहम्मद इक़बाल ने खास तौर पर भारत के बड़े संस्थानों से अपील की कि वे अपने यहां अध्ययन, प्रशिक्षण और कौशल विकास के लिए विशेष समय निर्धारित करें और ऐसे छात्रों को इस तरह के बहसों के लिए तैयार करें। उनका कहना था कि यह आज की पीढ़ी के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है।

